– जीएमआर के एयरपोर्ट विस्तार के बीच नागपुर को एक और झटका
नागपुर :- डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण और विस्तार कार्य के बीच नागपुर की अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क व्यवस्था को एक और बड़ा झटका लगा है। कतर एयरवेज ने 26 अक्टूबर 2026 से 29 मार्च 2027 तक अपनी नागपुर-दोहा-नागपुर उड़ान अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है।
इस निर्णय के बाद नागपुर से खाड़ी देशों के लिए एयर अरेबिया की शारजाह उड़ान ही एकमात्र सीधी अंतरराष्ट्रीय सेवा रह जाएगी। कतर एयरवेज की सेवा बंद होने से विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों के अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।यह फैसला यात्रियों, ट्रैवल एजेंसियों और विमानन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आश्चर्यजनक माना जा रहा है, क्योंकि नागपुर-दोहा मार्ग पर व्यवसायियों, खाड़ी देशों में कार्यरत प्रवासी भारतीयों, छात्रों और परिवारों की अच्छी संख्या यात्रा करती रही है।
कतर एयरवेज ने पहले इस मार्ग पर सप्ताह में पांच उड़ानों का संचालन शुरू किया था, लेकिन बाद में उड़ानों की संख्या कम कर दी गई। मार्च 2026 में पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण इस सेवा को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, जिसे 22 मई से फिर शुरू किया गया। अब एक बार फिर लगभग पांच महीने के लिए सेवा निलंबित किए जाने से विशेष रूप से सर्दियों के व्यस्त यात्रा सीजन में यात्रियों को परेशानी होगी।
घटती हवाई कनेक्टिविटी को लेकर चिंता
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर नागपुर की घटती हवाई कनेक्टिविटी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि एक ओर जीएमआर एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार पर काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर एयरलाइंस अपनी सेवाएं बढ़ाने के बजाय कम कर रही हैं। उद्योग जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि केवल एयरपोर्ट का आधुनिकीकरण पर्याप्त नहीं है। जब तक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को नई उड़ानें शुरू करने और मौजूदा सेवाएं बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा, तब तक नागपुर को इसका पूरा लाभ नहीं मिल सकेगा।उन्होंने जीएमआर, एयरपोर्ट प्रबंधन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय से एयरलाइंस के साथ समन्वय कर बंद हो चुकी उड़ानों को दोबारा शुरू कराने तथा नई एयर सेवाएं आकर्षित करने के लिए ठोस पहल करने की मांग की है।
फिलहाल, दोहा और अन्य अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों की यात्रा करने वाले यात्रियों को मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद या अन्य महानगरों से कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा लेना होगा, जिससे यात्रा का समय और खर्च दोनों बढ़ जाएंगे।





