– राज्यपाल ने शिक्षा, कौशल और उद्यमिता को बताया सफलता की कुंजी
नागपुर :- महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि ‘स्वयंसिद्धा’ अभियान के तहत नवाचार आधारित अवधारणाओं को अपनाकर महिलाओं के सशक्तिकरण को नई दिशा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अभियान महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, उद्यमिता और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रभावी मंच बन सकता है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में संचालित ‘स्वयंसिद्धा’ अभियान की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यपाल ने विभिन्न विश्वविद्यालयों की गतिविधियों का अवलोकन करते हुए अभियान को अधिक संवादात्मक, समावेशी, आकर्षक और नवाचारपूर्ण बनाने पर जोर दिया। महाराष्ट्र लोक भवन से आयोजित इस बैठक में राज्यपाल के सचिव डॉ. प्रशांत नारनवरे, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मनाली क्षीरसागर, एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. उज्ज्वला चक्रदेव, स्वयंसिद्धा अभियान की राज्य समन्वयक डॉ. अनुराधा पोतदार तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारी शामिल हुए।
अधिक से अधिक छात्राओं के पंजीकरण पर जोर
राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से स्वयंसिद्धा पोर्टल पर राज्य और राज्य के बाहर की अधिक से अधिक छात्राओं का पंजीकरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों की प्रेरणादायी महिलाओं और विशेषज्ञों को अभियान से जोड़कर छात्राओं के साथ संवाद आयोजित करने की भी सलाह दी।
बैठक में डॉ. प्रशांत नारनवरे ने अभियान की रूपरेखा और राज्यभर में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। वहीं, डॉ. मनाली क्षीरसागर ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में स्वयंसिद्धा अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों का ऑनलाइन प्रस्तुतीकरण किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की नोडल अधिकारी डॉ. शालिनी लिहितकर, शिवाजी विश्वविद्यालय, कोल्हापुर के डॉ. पी.बी. देसाई सहित राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए।





