– हाई कोर्ट ने मंगलवार तक मनपा से मांगा हलफनामा
नागपुर :- शहर में सीमेंट की सड़कों के निर्माण को लेकर जनमंच की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर में निर्माण जलभराव की समस्या पर गंभीर संज्ञान लिया। अदालत ने मनपा को शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान बताते हुए मंगलवार तक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के दौरान मनपा की ओर से अधिवक्ता जेमिनी कासट ने हलफनामा पेश किया। हालांकि, न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फालके और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने शहर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के विकल्पों और उपायों की जानकारी के साथ संशोधित हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। अधिवक्ता कासट द्वारा समय देने का अनुरोध किए जाने पर अदालत ने मंगलवार तक का समय देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। याचिकाकर्ता जनमंच की ओर से बताया गया कि शहर में नियमों को ताक पर रखकर सीमेंट की सड़कों का निर्माण किया गया है। इसके चलते कई स्थानों पर सड़कें ऊंची हो गईं और लोगों के मकान सड़क के स्तर से नीचे चले गए। परिणामस्वरूप बारिश का पानी घरों में घुसने की समस्या पैदा हो रही है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया कि सीमेंट सड़क निर्माण के दौरान स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम की पर्याप्त व्यवस्था का ध्यान नहीं रखा गया।
नाले लबालब होने से सड़कों पर जमा हुआ पानी:
मनपा की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता जेमिनी कासट ने अदालत को बताया कि नरेंद्र नगर अंडरपास के नीचे भारी जलभराव हुआ था। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिंग रोड का निर्माण और रखरखाव राज्य सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि शहर में जिन स्थानों पर जलभराव हुआ, उनमें आसपास के नाले पूरी तरह लबालब हो गए थे। इसके कारण सड़कों पर जमा पानी की निकासी नहीं हो सकी। इसी तरह की स्थिति सोमलवार हाईस्कूल के आसपास भी बनी, जहां समीप का नाला भर जाने के कारण पानी की निकासी में काफी समय लगा।
मनपा की ओर से अदालत को बताया गया कि सड़कों पर जमा बारिश का पानी इन्हीं नालों के माध्यम से बाहर निकलता है। नालों के भर जाने के कारण जल निकासी प्रभावित हुई। इसके बावजूद मनपा की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और आपात व्यवस्था के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
जोनवार कार्रवाई की जानकारी अदालत के समक्ष:
मनपा ने अपने हलफनामे में विभिन्न जोन के अनुसार जलभराव की स्थिति और उससे निपटने के लिए किये गये उपायों की जानकारी अदालत के समक्ष रखी। इसमें लक्ष्मी नगर, धरमपेठ, स्वावलंबी नगर सहित अन्य क्षेत्रों में किए गए उपायों का उल्लेख किया गया। मनपा ने बताया कि स्वावलंबी नगर में सीमेंट सड़क का निर्माण भी पीडब्ल्यूडी की ओर से किया गया है। सड़क के किनारे बनी स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज व्यवस्था कुछ स्थानों पर पूरी तरह साफ नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने मनपा को जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के विकल्प और प्रस्तावित उपायों की जानकारी देते हुए मंगलवार तक हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। जनहित याचिका में जनमंच की ओर से अधिवक्ता परवेज मिर्जा और अधिवक्ता मृणाल चक्रवर्ती ने पैरवी की।





