– प्रसूता और नवजात के लिए देवदूत बनी हितज्योति आधार फाउंडेशन की टीम
नागपुर :- सावनेर की एक बस्ती में सोमवार सुबह इंसानियत ने गरीबी और बेबसी पर जीत हासिल की। प्रसव पीड़ा से तड़प रही प्रवासी महिला ने खुले आसमान के नीचे बच्चे को जन्म दिया। सूचना मिलते ही समाजसेवियों की टीम मौके पर पहुंची और मां-बेटे को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर न केवल उनकी जान बचाई, बल्कि बेसहारा परिवार का संबल भी बनी।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह महाकाली नगरी, सावनेर से समाजसेवी शुभम लोधी ने हितज्योति आधार फाउंडेशन के पदाधिकारियों को सूचना दी कि एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है और वह काफी परेशान भी है। सूचना मिलते ही हितज्योति आधार फाउंडेशन के संस्थापक हितेश बंसोड और फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही महिला ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में एक बच्चे को जन्म दे दिया था। नवजात और उसकी मां की स्थिति को देखते हुए दोनों को तत्काल सावनेर ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल), नागपुर रेफर किया गया।

रोजी-रोटी की तलाश में गुजरात से आया था परिवार
जांच के दौरान पता चला कि यह परिवार गुजरात से कुछ दिन पहले रोजी-रोटी की तलाश में सावनेर आया था। परिवार के पास रहने की उचित व्यवस्था, पर्याप्त धनराशि और स्थानीय सहयोग का अभाव था। ऐसे में फाउंडेशन ने दंपति को कंबल, चादर सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई और आर्थिक सहायता भी दी। हितज्योति आधार फाउंडेशन ने परिवार को भरोसा दिलाया कि उपचार और अन्य जरूरतों में संस्था हर संभव सहयोग करेगी। इसके बाद मां और नवजात को सुरक्षित नागपुर मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस मानवीय पहल की स्थानीय नागरिकों ने सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में जरूरतमंद परिवार की मदद कर संस्था ने मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया।





