नागपुर :- मध्य रेलवे, नागपुर मंडल में वर्ष 1986 से 1991 तक ग्रीष्मकालीन वाटरमैन के रूप में कार्यरत रहे मो. शरीफ शफीम हुसैन ने अपने लंबे समय से लंबित रोजगार संबंधी मामले में राष्ट्रपति से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वर्ष 1992 से वे लगातार स्थायी नियुक्ति के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें न्याय नहीं मिल सका।
मो. शरीफ ने बताया कि वे 232 एमआरसीएल वाटरमैन कर्मचारियों के समूह का हिस्सा थे। वर्ष 1992 में सभी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इसके बाद उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन, सत्याग्रह, रेल महाप्रबंधक मुंबई, मंडल रेल प्रबंधक नागपुर तथा तत्कालीन रेल मंत्री स्व. रामविलास पासवान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर स्थायी नियुक्ति की मांग की। वर्ष 1997 में आंदोलन के दौरान उन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया, जिसमें उनका दाहिना पैर लगभग 30 प्रतिशत झुलस गया।
उन्होंने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा वर्ष 1996 के रजिस्टर में दर्ज हजारों कर्मचारियों को नियमित करने के आदेश जारी किए गए थे। उनके अनुसार 232 कर्मचारियों में से कई लोगों को ग्रुप-डी के गैंगमैन एवं सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति मिली, जबकि उन्हें कथित रूप से आंदोलन में सक्रिय रहने के कारण नियुक्ति से वंचित रखा गया।
मो. शरीफ ने बताया कि उन्होंने लेबर कोर्ट, सीजीआईटी, हाईकोर्ट और अंततः सुप्रीम कोर्ट तक न्याय के लिए संघर्ष किया। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने विलंब के आधार पर उनकी याचिका खारिज कर दी। उनका कहना है कि उन्हें 1.45 लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही गई, लेकिन वे मुआवजे के बजाय रेलवे में ग्रुप-डी के गैंगमैन अथवा सफाई कर्मचारी के पद पर नियुक्ति चाहते हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे तथा अन्य जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की अपील की है। उनका कहना है कि उनकी दो पत्नियां, सात बच्चे हैं और केवल मुआवजे की राशि से परिवार का पालन-पोषण, बच्चों की शिक्षा और घर का खर्च चलाना संभव नहीं है।
उन्होंने राष्ट्रपति से मिलने का अवसर प्रदान कर न्याय दिलाने की मांग करते हुए कहा है कि यदि शीघ्र उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो वे निराशा में कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार और रेलवे प्रशासन से मानवीय आधार पर उनके मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है।





