spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

‘नागपुर तो झांकी है, आजाद मैदान बाकी है’

– बकाया भुगतान की मांग को लेकर अर्धनग्न होकर ठेकेदारों का प्रदर्शन

नागपुर :- जल जीवन मिशन सहित विभिन्न सरकारी विभागों में काम करने वाले ठेकेदारों ने बकाया राशि के भुगतान की मांग को लेकर बुधवार को नागपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र राज्य पानी पुरवठा कंत्राटदार संगठन और शासकीय कंत्राटदार संगठन के नेतृत्व में ठेकेदार संविधान चौक पर धरने पर बैठे। इस दौरान कुछ ठेकेदारों ने शर्ट उतारकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। ठेकेदारों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘पैसे दो, न्याय दो’, ‘पैसे हमारे हक के हैं’ और ‘नागपुर तो झांकी है, आजाद मैदान बाकी है’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन में विदर्भ के सभी जिलों के अलावा राज्य के अन्य जिलों से आए ठेकेदारों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। धरने के बाद ठेकेदारों ने जीपीओ चौक स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय हैदराबाद हाउस की ओर मोर्चा निकाला। प्रदर्शनकारियों ने जल जीवन मिशन के तहत जिला परिषद में किए गए जलापूर्ति कार्यों की लंबित राशि तत्काल जारी करने की मांग की।

ठेकेदारों का दावा है कि नागपुर जिले में पिछले करीब 25 महीनों से लगभग 120 करोड़ रुपये, जबकि पूरे महाराष्ट्र में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की राशि लंबित है। उन्होंने पुराने कार्यों का भुगतान प्राथमिकता से करने और जल जीवन मिशन की लंबित देय राशि का 100 प्रतिशत भुगतान करने की मांग की। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा जल जीवन मिशन की अवधि वर्ष 2028 तक बढ़ाए जाने के मद्देनजर ठेकेदारों को बिना जुर्माने के कार्य अवधि बढ़ाने तथा पहले लगाए गए जुर्माने को वापस लेने की मांग भी की गई। प्रदर्शन में महाराष्ट्र राज्य पानी पुरवठा कंत्राटदार संगठन के अध्यक्ष बालासाहब जाधव, उपाध्यक्ष किशोर जामदार, विशेषज्ञ संचालक किशोर थोटे, शासकीय कंत्राटदार संगठन के अध्यक्ष सुरेश वंजारी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र लोखंडे, सचिव रवींद्र ठाकरे तथा नागपुर कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुबोध सरोदे सहित बड़ी संख्या में ठेकेदार मौजूद रहे।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.