– सक्रिय गिरोहों, सरगनाओं और मददगारों पर पुलिस की नजर : पुलिस आयुक्त
नागपुर :- उपराजधानी नागपुर में बढ़ती संगठित अपराध और गैंगवार की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही हत्याओं और जानलेवा हमलों के बीच पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने सक्रिय अपराधी गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपराध शाखा के अधिकारियों की बैठक लेकर शहर में सक्रिय छोटे-बड़े गिरोहों, उनके सरगनाओं तथा उन्हें मिलने वाले आर्थिक और राजनीतिक संरक्षण की पूरी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
पुलिस के अनुसार, इस वर्ष शहर में अब तक 65 से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं, जबकि जानलेवा हमलों की संख्या 250 से ज्यादा पहुंच गई है। पुलिस आयुक्त के पदभार संभालने के दिन फुटाला तालाब क्षेत्र में हुई हत्या के बाद कुछ ही दिनों में 19 और हत्याकांड सामने आए हैं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से शहर में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को लेकर चिंता जताई जा रही है।
18 गिरोहों पर मकोका की कार्रवाई:
संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने इस वर्ष 18 गिरोहों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में 100 से अधिक अपराधियों पर शिकंजा कसा गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष मकोका की कार्रवाई में चार गिरोह बढ़े हैं। इसके बावजूद गैंगवार और हत्या की घटनाएं जारी रहने से पुलिस के सामने चुनौती बनी हुई है।

76 में से केवल 9 अपराधी स्थानबद्ध:
पुलिस ने आदतन और खतरनाक अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए इस वर्ष 70 से अधिक अपराधियों के स्थानबद्ध करने के प्रस्ताव भेजे थे। कुल 76 प्रस्तावों में से केवल 9 अपराधियों को ही स्थानबद्ध कर जेल भेजा जा सका। पुलिस के अनुसार, जांच में तकनीकी खामियों और प्रक्रियात्मक त्रुटियों का लाभ उठाकर कई अपराधी कार्रवाई से बच गए। ऐसे 67 अपराधियों का बाहर रहना पुलिस के लिए चिंता का विषय है। पिछले वर्ष स्थानबद्ध किए गए अपराधियों की संख्या 55 थी।
29 पिस्तौल और 227 घातक हथियार जब्त:
बढ़ते हथियारों के इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने इस वर्ष अब तक अपराधियों से 29 बंदूकें और 227 अन्य घातक हथियार जब्त किए हैं। आए दिन हथियार बरामद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे अपराधियों के बीच हथियारों की बढ़ती उपलब्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
15 दिन में समाधान का दावा
मकोका के तहत कार्रवाई किए गए 18 गिरोहों में से आठ गिरोह जोन-3 से संबंधित हैं। स्थानबद्धता की कार्रवाई में न्यायालय द्वारा कुछ प्रक्रियात्मक खामियां सामने आने के कारण कार्रवाई प्रभावित हुई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया जारी है और अगले 15 दिनों में इस समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस आयुक्त के निर्देश के बाद अपराध शाखा ने सक्रिय गिरोहों की जानकारी जुटाने और उनके नेटवर्क की पड़ताल शुरू कर दी है। अब पुलिस की नजर सिर्फ गिरोह के सदस्यों पर ही नहीं, बल्कि उनके आर्थिक स्रोतों और संभावित संरक्षण देने वालों पर भी रहेगी।








