– 50 हजार रिश्वत मांगी, 40 हजार लेते CBI के जाल में फंसा
नागपुर :- वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्लूसीएल) के उमरेड़ क्षेत्र में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने रिश्वतखोरी के आरोप में सिविल विभाग के वरिष्ठ ओवरसियर पवन नखाते को 40 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। बुधवार को गंगापुर चौक के पास सीबीआई ने जाल बिछाकर यह कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ठेकेदार को डब्लूसीएल की ओर से पिरवा गांव के पुनर्वास स्थल पर पेयजल आपूर्ति के लिए दो बोरवेल बनाने, सबमर्सिबल पंप लगाने तथा आंतरिक मेन लाइन और वितरण पाइप लाइन बिछाने का काम दिया गया था। इस कार्य के तीसरे बिल का भुगतान जारी करने के बदले पवन नखाते पर रिश्वत मांगने का आरोप है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, तीसरे बिल की कुल राशि 25 लाख 35 हजार 693 रुपये थी। आरोप है कि नखाते ने बिल पास कराने के लिए कुल राशि का 2 प्रतिशत, यानी करीब 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। 29 सितंबर को सीबीआई ने शिकायत का सत्यापन किया। सत्यापन के दौरान करीब ₹22 लाख के भुगतान और पूर्व की कथित बकाया रिश्वत को लेकर कुल 54 हजार रुपये की मांग सामने आने की बात कही गई। बाद में कथित तौर पर रकम घटाकर 50 हजार रुपये कर दी गई।
सत्यापन में संज्ञेय अपराध पाए जाने के बाद सीबीआई ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद 30 सितंबर को गंगापुर चौक के पास ट्रैप कार्रवाई की गई। इसी दौरान पवन नखाते को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये स्वीकार करते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।








