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सोले के लिए व्यास ने छोड़ी भाजपा

– पार्टी में बढ़ी अंदरूनी कलह, कार्रवाई झेलने को तैयार

नागपुर :-  नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में भाजपा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रा. अनिल सोले ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में दाखिल अपना नामांकन वापस नहीं लिया। उनके समर्थन में भाजपा के पूर्व विधायक गिरीश व्यास ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और अन्य पदों से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। इस घटनाक्रम से नागपुर में भाजपा के भीतर बगावत खुलकर सामने आ गई है।

भाजपा के पूर्व विधायक गिरीश व्यास ने महल स्थित अपने कार्यालय में मीडिया के सामने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी में संवाद की कमी है और कुछ लोग बाद में आकर अधिक प्रभावशाली हो गए हैं। प्रा. अनिल सोले और उनके खिलाफ जो भी कार्रवाई होगी, वे उसका सामना करने के लिए तैयार हैं। व्यास ने यह भी कहा कि उनके साथ आने वाले कार्यकर्ताओं पर पार्टी कार्रवाई करेगी, ऐसा उन्हें नहीं लगता। यदि ऐसा होता है, तो आगे देखा जाएगा।

बगावत रोकने में भाजपा नाकाम

नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख थी। भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले सहित पार्टी के कई नेताओं की नजरें प्रा. सोले के फैसले पर टिकी थीं। कुल 54 नामांकन दाखिल हुए थे, जिनमें से 16 उम्मीदवारों ने नाम वापस ले लिया। इनमें स्वयंसेवक और उम्मीदवार एड. रमण सेनाड भी शामिल हैं। हालांकि, प्रा. सोले ने अपना नामांकन कायम रखा।प्रा. अनिल सोले ने भाजपा के पूर्व विधायक गिरीश व्यास के कार्यालय में अपना प्रचार कार्यालय शुरू किया है। इसका उद्घाटन भी किया गया। इससे भाजपा के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के उनके समर्थन में खड़े होने के संकेत मिल रहे हैं।

त्रिकोणीय मुकाबले के आसार:

नागपुर विभाग स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में अब भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले, कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और निर्दलीय उम्मीदवार प्रा. अनिल सोले के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। सोले के मैदान में बने रहने से चुनाव दिलचस्प हो गया है। साथ ही, इस चुनाव में भाजपा के भीतर की गुटबाजी और पुराने कार्यकर्ताओं का रुख भी स्पष्ट होने की संभावना है।

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