नागपुर :- नागपुर रेलवे स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार पर यातायात की समस्या कम करने के लिए तैयार की गई भूमिगत पार्किंग सुविधा जल्द शुरू होने की उम्मीद है। रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) ने शनिवार को यह सुविधा मध्य रेल को सौंप दी। इससे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को अपने वाहन पार्क करने के लिए व्यवस्थित जगह मिल सकेगी।
इस भूमिगत पार्किंग में करीब 1,600 दुपहिया और 290 चारपहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। मध्य रेल के नागपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अमन मित्तल ने बताया कि सुविधा को जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल, स्टेशन के पश्चिमी प्रवेश द्वार के पास निजी वाहन, ऑटो रिक्शा और यात्रियों की आवाजाही के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनती है। पार्किंग शुरू होने के बाद वाहनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा करने में मदद मिलेगी और प्रवेश द्वार के आसपास यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
पानी के रिसाव के कारण हुई देरी
स्टेशन के पुनर्विकास का काम जुलाई 2023 में शुरू हुआ था। भूमिगत पार्किंग को सौंपने से पहले कुछ स्थानों पर पानी के रिसाव और सीलन की समस्या दूर करने पर जोर दिया जा रहा था। रेलवे अधिकारियों ने पार्किंग जल्द शुरू करने की आवश्यकता जताई, ताकि यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए शेष मरम्मत और फिनिशिंग का काम आगे भी किया जा सकता है।
पार्किंग परिसर में निर्धारित स्थान, प्रवेश और निकास रैंप तथा वाहनों के आवागमन के लिए जरूरी व्यवस्थाएं बनाई गई हैं। यहां से स्टेशन के मुख्य परिसर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों और लिफ्ट की सुविधा भी होगी।
ऑटो स्टैंड और यातायात व्यवस्था में भी होगा सुधार:
पार्किंग के अलावा स्टेशन परिसर में वाहनों के लिए अलग-अलग लेन बनाने और प्रीपेड ऑटो रिक्शा स्टैंड विकसित करने की योजना है। यात्रियों के लिए कतार में खड़े होने की निर्धारित जगह भी बनाई जाएगी। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) के लिए संयुक्त गश्ती चौकी बनाने की योजना है। इसके अलावा यातायात नियंत्रण के लिए अलग पुलिस बूथ भी प्रस्तावित है।
रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की पूरी परियोजना मार्च 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें स्टेशन भवनों का आधुनिकीकरण, यात्रियों की आवाजाही को बेहतर बनाना और यात्री सुविधाओं का विस्तार शामिल है।








