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NIT भूखंड मामले में अनियमितताओं की जांच करें!

– सुनील मेश्राम ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन, सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने का आरोप

नागपुर :-  नागपुर सुधार प्रन्यास (एनआईटी) के भूखंड मामले में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। यह मांग अन्याय अत्याचार प्रतिकार संगठन के संस्थापक अध्यक्ष सुनील मेश्राम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की है। उन्होंने संबंधित कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने का आरोप भी लगाया है।

मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मेश्राम ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाया जाता है और उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के बावजूद आम नागरिकों को न्याय दिलाने के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। मेश्राम के अनुसार, एनआईटी कार्यालय में आम नागरिकों के काम नहीं होने संबंधी कई शिकायतें उन्हें मिली थीं। इन शिकायतों के सिलसिले में वे 21 अगस्त 2026 को कार्यालय के गुंठेवारी कक्ष में गए थे। उनका दावा है कि इसके चार दिन बाद, 25 अगस्त को संबंधित कक्ष की महिला कर्मचारियों ने सदर पुलिस थाने में उनके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई। मेश्राम ने यह भी बताया कि इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय से उन्हें अग्रिम जमानत मिली है।

फुटेज नष्ट करने के आरोप की जांच की मांग

मेश्राम ने आरोप लगाया कि 21 अगस्त की घटना से संबंधित गुंठेवारी कक्ष के सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दिए गए। उन्होंने मांग की कि पुलिस जांच के दौरान यदि फुटेज नष्ट किए गए हैं, तो इसके पीछे के कारणों की भी पड़ताल की जाए।

उन्होंने यह दावा भी किया कि संबंधित महिला कर्मचारियों ने बातचीत में इस मामले में अपनी भूमिका नहीं होने और वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य कर्मचारियों द्वारा उन्हें मामले में शामिल किए जाने की बात कही थी। मेश्राम के अनुसार, इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सबूत के रूप में उपलब्ध है। मेश्राम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपों की पुष्टि होने पर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन एवं आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होने पर अन्याय अत्याचार प्रतिकार संगठन की ओर से महाराष्ट्रभर में आंदोलन किया जाएगा।

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