– लापता बेटे की गुहार लेकर पहुंची मां की पुकार अनसुनी… सड़क पर बिलखती रही बेबस मां…
सावनेर :- चुनाव प्रचार के दौर में जनता को लुभाने के वादे करने वाले नेता, चुनाव जीतने के बाद जनता की पीड़ा तक सुनने को तैयार नहीं होते — ऐसा एक दर्दनाक दृश्य सोमवार को सावनेर में देखने को मिला।यशवंत बाबा झोपड़पट्टी में रहने वाली एक महिला का बेटा पिछले तीन–चार दिनों से स्कूल से ही लापता है। पुलिस में शिकायत दर्ज करने के बाद सहायता की उम्मीद में वह भाजपा के एक कार्यक्रम स्थल के बाहर पहुंची, ताकि अपने क्षेत्रीय विधायक आशीष देशमुख से मदद मांग सके।लेकिन जैसे ही विधायक देशमुख कार्यक्रम स्थल से बाहर आए और अपने वाहन की ओर बढ़े, महिला ने “साहब-साहब” कहकर कई बार आवाज लगाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक ने उसकी पुकार को पूरी तरह अनसुना कर तेज़ी से वाहन में बैठकर रवाना हो गए।महिला की उम्मीद टूट गई, और निराशा में वह वहीं सड़क पर फफककर रोने लगी। मौके पर मौजूद सैकड़ों लोग यह दृश्य देखते रहे, लेकिन एक पत्रकार को छोड़ किसी ने भी सांत्वना देने की कोशिश नहीं की।
पत्रकारों द्वारा बात करने पर महिला ने अपनी व्यथा बताई, जिसके बाद मामला और तूल पकड़ता दिखाई दिया। चुनावी समय में इस तरह की संवेदनहीनता से बचने के लिए कुछ स्थानीय नेताओं ने स्थिति संभालने का प्रयास किया। वे महिला को साथ लेकर थाने पहुंचे, जहाँ थाना प्रभारी से बातचीत कर लापता बच्चे की खोजबीन को प्राथमिकता देने का आश्वासन लिया गया।

यह भी चर्चाओं में रहा कि विधायक देशमुख पर बढ़ती आलोचना और जनभावना को शांत करने के प्रयास में ही कुछ स्थानीय नेता तुरंत सक्रिय हुए। उनके प्रयासों से महिला की विधायक से फोन पर बात भी कराई गई। इसके बाद महिला को सावनेर थाने ले जाकर औपचारिक चर्चा कराई गई।
स्थानीय नागरिकों में चर्चा है कि पूरा प्रकरण “लिपापोती” जैसा प्रतीत होता है।
चुनावी माहौल गरम न पड़े और सावनेर नगर परिषद चुनाव पर इसका कोई नकारात्मक असर न आए, इसी कारण कुछ उम्मीदवार अचानक सक्रिय हुए — ऐसी जोरदार चर्चाएँ शहर में फैल रही हैं। इसी दबाव के चलते महिला को सहानुभूति दिखाने की जल्दबाज़ी भी देखने को मिली ऐसी चर्चा नागरिकों में लगातार चल रही है।








