– नाबालिग बच्चों को मुक्ति
नागपुर :- शहर के बड़ा ताजबाग परिसर में बाल मजदूरी के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने दो नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराकर उन्हें संरक्षण के लिए बालगृह में दाखिल कराया। यह कार्रवाई महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान के निर्देश पर की गई।
जानकारी के अनुसार ताजबाग क्षेत्र के होटल, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में 10 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों से काम कराए जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी। इसके बाद सक्करदरा पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में व्यापक जांच अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई, जिसमें दो नाबालिग बच्चे काम करते पाए गए। टीम ने तत्काल उन्हें रेस्क्यू किया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों बच्चों को देखरेख और संरक्षण की आवश्यकता वाला पाया गया। इसके बाद उन्हें मान्यता प्राप्त बालगृह में भेज दिया गया, जहां उनके पुनर्वास, शिक्षा, समुपदेशन और पारिवारिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कार्रवाई में शामिल अधिकारियों ने कहा कि बाल मजदूरी केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन के अधिकारों पर सीधा हमला है। इसलिए ऐसे बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना और उनका पुनर्वास करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यह अभियान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे के मार्गदर्शन में चलाया गया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुश्ताक पठान, संरक्षण अधिकारी साधना ठोंबरे, चाइल्ड हेल्पलाइन प्रतिनिधि अनिकेत भिवगडे, मीनाक्षी धलाले, विकी डहारे, न्यू विजन फाउंडेशन की प्रियंका होठे, ग्रामीण समस्या मुक्ति ट्रस्ट की रूपाली वानखेडे ने कार्रवाई में सहयोग किया।
दुकानों में कम उम्र के बच्चों को काम पर लगाया गया है। यहां पर इसके पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। वहां पर जनजागृति अभियान भी चलाया गया था। अब किसी भी दुकान में कम उम्र के बच्चे काम करते मिले तो दुकान मालिक पर मामला दर्ज होगा।


