– जल्द हो सकता है नियमों में बड़ा बदलाव, प्रस्ताव मंजूरी के मुहाने पर
मुंबई :- आम नागरिकों को सस्ती कीमतों पर घर उपलब्ध कराने का काम म्हाडा के माध्यम से किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि केवल जरूरतमंदों को ही ये घर मिलें, म्हाडा ने घरों की लॉटरी में कई शर्तें लागू की थीं। इन्हीं शर्तों में से एक महत्वपूर्ण शर्त यह थी कि म्हाडा का घर प्राप्त होने के बाद अगले पाँच वर्षों तक वह घर बेचा नहीं जा सकता। लेकिन अब इस नियम में बड़ा बदलाव होने की संभावना है। म्हाडा की ओर से यह शर्त हटाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही म्हाडा प्राधिकरण की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो लॉटरी में विजेता को घर का कब्जा मिलते ही वह उसे कभी भी बेच सकेगा। हालांकि, इस बदलाव से म्हाडा का मूल उद्देश्य – यानी जरूरतमंदों को घर देना – प्रभावित हो सकता है। क्योंकि अगर लोग घर लेकर तुरंत बेचने लगेंगे, तो इससे उन लोगों को नुकसान होगा जो वास्तव में घर के लिए पात्र और ज़रूरतमंद हैं। पहले म्हाडा द्वारा यह शर्त रखी गई थी कि घर 10 साल तक नहीं बेचा जा सकता। लेकिन अवैध रूप से घरों की बिक्री के मामलों के सामने आने के बाद यह अवधि घटाकर 5 साल कर दी गई थी। अब पाँच साल की शर्त भी हटाने की बात हो रही है। म्हाडा के सूत्रों के अनुसार, बड़ी संख्या में घर नियमों के विरुद्ध बेचे जा रहे हैं, और खरीददार कई बार कानूनी मुश्किलों में फंस रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पाँच साल की यह रोक हटाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।








