– जिला प्रशासन को मिलेगा ₹8.13 करोड़ का राजस्व
वर्धा :- पर्यावरण विभाग की मान्यता मिलने के कारण जिले के करीब 42 रेत घाट की नीलामी करने की प्रक्रिया जिला प्रशासन के खनिकर्म विभाग की ओर से जलाई जा रही है। इन रेत घाट के नीलामी से जिला प्रशासन को करीब 8.13 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने वाला है। नागरिकों को उचित दाम में रेत मिले तथा रेत की चोरी सहित रेत की अवैध रूप से ढुलाई को रोकने के लिए पिछली बार शासन ने रेत डिपो से रेत की बिक्री यह नीति स्वीकारी थी। इस नीति पर क्रियान्वयन करते समय रेत डिपो में रेत कम तथा माफियाओं के पास अधिक मिल रहा था। इसके बाद शासन ने रेत डिपो इस नीति को बगल में रखकर पहले की तरह रेत घाट की नीलामी करने का निश्चित किया। यह नीति
निश्चित होने के बाद जिला प्रशासन के खनिकर्म विभागने जिले में कितने रेत घाटों की नीलामी हो सकती है, इसकी जानकारी ली। साथ ही 42 रेत घाटों की नीलामी करने के तहत पर्यावरण विभाग को अनुमति मांगी। जिले के 42 रेत घाटों की नीलामी के विषय पर पहले अक्टूबर माह के पहले सप्ताह में राज्य पर्यावरण तज्ञ मूल्यांकन समिति (एसईएसी) तथा बाद में महाराष्ट्र राज्य पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन प्राधिकरण (एसईआईएए) के बैठक में चर्चा होकर हरी झंडी दिखाई गयी। पर्यावरण विभाग की अनुमति मिलते ही जिला प्रशासन के खनिकर्म विभाग ने संबंधित 42 रेत घाटों की नीलामी के प्रक्रिया फिलहाल शुरू की है। इन 42 रेत घाट के नीलामी से जिला प्रशासन को 8 करोड़ 13 लाख 97 हजार 200 रुपए का राजस्व मिलेगा।








