– पर्यावरण संरक्षण समाज की संपूर्ण जिम्मेदारी।
सचिन चौरसिया, रामटेक :- पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है और इसमें सभी को सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए, यह अपील वन विभाग के प्रमुख राहुल शिंदे ने की। नरेंद्र तिडके कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, निसर्ग मंडल, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनसीसी) और वन रेंज विभाग, रामटेक द्वारा संयुक्त रूप से ‘वन महोत्सव’ का आयोजन किया गया। “पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ” के नारे लगाते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक रैली निकाली गई। इस अवसर पर वनरक्षक डी. आर. डोंगरे और फील्ड असिस्टेंट व्ही. व्ही. लोनारे उपस्थित थे। प्रोफेसर मनोज तेलरांधे ने कहा कि प्रोफेसरों का काम केवल पेड़ लगाना ही नहीं है। सबसे बड़ी जरूरत पौधों की देखभाल और संरक्षण है। महोत्सव के अवसर पर महाविद्यालय में वृक्षारोपण, विभिन्न प्रजातियों के वृक्षों की पहचान, पर्यावरण रैली और ‘नशा मुक्ति अभियान’ जैसी कई सराहनीय गतिविधियां आयोजित की गईं। पत्रकार पंकज चौधरी, जगदीश सांगोडे, शेखर पाटिल, पंकज बावनकर सहित मंगेश माळोदे, ललिता दीदी और रूपेश शिवरकर आदि के साथ ही प्रो.सरिता सिंह, प्रो. तुलशीदास वाघमारे, डॉ. विवेक साहू, प्रो. सुनील कठाने, प्रो. अंजलि बड़वाई और प्रो. माहेश्वरी हातझाडे और छात्र उपस्थित थे। निसर्ग मंडल के समन्वयक डॉ. स्वप्निल मगघे, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. संतोष जाधव, प्रो. किशोर दांडे और एनसीसी समन्वयक बालासाहेब लाड ने सफलता के लिए कड़ी मेहनत की।
साँपों के प्रति एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण
सांप प्रेमी पत्रकार अजय मेहरकुळे और राहुल कोठेकर ने उपस्थित छात्रों और वनकर्मियों के मन से सांपों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी देकर उनके डर को दूर किया। उन्होंने बताया कि सांप के काटने पर घबराना नहीं चाहिए और तुरंत प्राथमिक उपचार लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इससे वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में मदद मिलेगी।








