– एआई से बनाया फर्जी पहचानपत्र
नागपुर :- खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का अधिकारी बताकर धौंस जमाने वाले ठग सातगांव, बूटीबोरी निवासी प्रल्हाद दिलीपकुमार सिन्हा (25) को क्राइम ब्रांच यूनिट-5 की टीम ने गिरफ्तार किया था. उसे जांच के लिए यशोधरानगर पुलिस के सुपुर्द किया गया. न्यायालय ने उसे 2 फरवरी तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है. इस बीच पूछताछ में प्रल्हाद ने बताया कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से ग्राफिक्स डिजाइन का उपयोग कर एनआईए का फर्जी पहचान पत्र बनाया था. पुलिस इस बात की गहन जांच कर रही है कि फर्जी पहचान पत्र का उपयोग कहां-कहां और किस उद्देश्य से किया गया. पूछताछ के दौरान आरोपी प्रल्हाद पुलिस को टालमटोल वाले जवाब दे रहा है. उसने स्वीकार किया कि एआई की मदद से उसे पहचानपत्र तैयार किया था लेकिन कार्ड प्रिंट कहां करवाया गया इस बारे में वह जानकारी देने से बच रहा है. पुलिस को संदेह है कि प्रल्हाद के साथ अन्य साथी भी ऐसे ही फर्जी पहचान पत्र रखते हैं. इस दिशा में भी जांच जारी है. प्रल्हाद का कहना है कि लोगों में धौंस जमाने के लिए ही वह आईकार्ड का उपयोग करता था. ज्ञात हो कि 2 दिन पहले उसने ट्रांसपोर्टर हसदीप सिंह भाटिया को एनआईए अधिकारी होने की जानकारी दी थी. हसदीप को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ और उन्होंने डीसीपी क्राइम राहुल माकणीकर को जानकारी दी. इसके बाद फिल्मी स्टाइल में पीछा कर प्रल्हाद को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस को संदेह है कि फर्जी पहचानपत्र के जरिए प्रल्हाद ने और भी गैर कानूनी गतिविधियों को अंजाम दिया है.








