– केंद्रीय मौसम विभाग का पूर्वानुमान
नागपुर :- भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जनवरी से मार्च 2०26 तक की अवधि के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार, विदर्भ सहित मध्य भारत में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना है. मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि जनवरी माह में विदर्भ में औसत से कम वर्षा हो सकती है और इस दौरान शीत लहर के दिनों की संख्या बढ़ सकती है.
मौसम विभाग द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जनवरी 2०26 में विदर्भ और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान औसत से कम रहने की संभावना है. इसके चलते सुबह और रात के समय पाले का प्रभाव अधिक महसूस किया जा सकता है. इस दौरान विदर्भ के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की भी संभावना है, जिससे स्वास्थ्य और कृषि प्रभावित हो सकती है. विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुजुर्गों, ब’चों और विशेषज्ञों ने श्वसन संबंधी समस्याओं से ग्रस्त नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है.
हालांकि, फरवरी और मार्च में विदर्भ सहित मध्य भारत में स्थिति में बदलाव आने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन दो महीनों में औसत से अधिक बारिश होने की आशंका जताई है. इससे रबी की फसलों को कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि, किसानों को बेमौसम बारिश की संभावना को ध्यान में रखते हुए उचित योजना बनानी चाहिए.
कुल मिलाकर, विदर्भ में मिश्रित मौसम रहने की संभावना है, जनवरी में शुष्क और ठंडी हवाएं चलेंगी और फरवरी-मार्च में बारिश बढ़ेगी. इसलिए
मौसम विभाग ने यह भी भविष्यवाणी की है कि तापमान में यह उतार-चढ़ाव फसलों के साथ-साथ दैनिक जीवन को भी प्रभावित कर सकता है. मौसम विभाग ने नागरिकों, किसानों और प्रशासन से अपील की है कि वे मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सावधानी बरतें और योजना बनाएं.








