– तेंदुओं को पकड़ने से लेकर उपचार तक मंत्रालय ने रखी सख्त शर्तें
नागपुर :- केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वन्यजीव विभाग ने राज्य में पाँच तेंदुओं के नसबंदी को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मंज़ूरी दे दी है। केंद्र ने राज्य के वन विभाग के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को कुछ शर्तों के साथ इस ‘पायलट प्रोजेक्ट’ को लागू करने का निर्देश दिया है। पुणे ज़िले के जुन्नार में जन्म नियंत्रण उपायों के ज़रिए तेंदुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए मंत्रालय से अनुमति मांगी गई थी। यह अनुमति वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 12(बीबी) के प्रावधान (ए) के तहत दी गई है। महाराष्ट्र के जुन्नार वन प्रभाग में पाँच मादा तेंदुओं से जुड़ी ‘पायलट प्रोजेक्ट’ के तहत तेंदुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रतिरक्षा-गर्भनिरोधक विधियों की व्यवहार्यता और प्रभाव का आकलन किया जाएगा। राज्य वन विभाग को इस परियोजना को तीन साल की अवधि में लागू करना है। महाराष्ट्र राज्य क्षेत्र की वहन क्षमता का अध्ययन करेगा और भविष्य में इस पद्धति को प्रस्तावित करने के लिए एक दीर्घकालिक योजना तैयार करेगा तथा मंत्रालय को एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। तेंदुओं को पकड़ने और प्रतिरक्षा-दमनकारी गर्भनिरोधक की प्रक्रिया राज्य वन विभाग की सख्त निगरानी में की जाएगी। प्रक्रिया के सभी चरणों में पर्याप्त पशु चिकित्सा देखभाल की जाएगी और इसे अत्यंत सावधानी के साथ किया जाना चाहिए।
जटिलताओं से बचने के लिए पकड़ने के दौरान और बाद में उचित देखभाल की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पूरे ऑपरेशन के दौरान जानवरों को कम से कम चोट लगे। मुख्य वन्यजीव वार्डन के साथ-साथ राज्य वन विभाग द्वारा इसकी नियमित निगरानी की जाएगी। मुख्य वन्यजीव वार्डन द्वारा प्रदान किए गए प्रारूप के अनुसार मंत्रालय को नियमित आवधिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। मंत्रालय द्वारा पूर्व-अनुमोदित सभी पूर्व अध्ययनों की रिपोर्टें आगे के अनुरोध से पहले महाराष्ट्र के मुख्य वन्यजीव वार्डनों के माध्यम से मंत्रालय को भेजी जाएंगी। पूरे अभियान की तस्वीरें ली जाएंगी और मंत्रालय को भेजी जाएंगी। यदि इस प्रक्रिया के दौरान कोई ऐसी घटना घटती है जिससे जानवरों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है, तो मंत्रालय को तुरंत सूचित किया जाएगा। मुख्य वन्यजीव वार्डन तदनुसार आगे की कार्रवाई कर सकते हैं। इन सभी शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी दी गई।








