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दही हांडी के गोविंदाओं को बड़ा सुरक्षा कवच

– 10 लाख रुपये तक का बीमा, इलाज भी मुफ्त होगा

नागपुर :- महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव में शामिल होने वाले गोविंदाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्यभर में दही हांडी में हिस्सा लेने वाले करीब 1.60 लाख गोविंदाओं को 10 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवच दिया जाएगा। सरकार ने इस संबंध में शासनादेश भी जारी किया है।

शासन आदेश के अनुसार, दही हांडी के दौरान दुर्घटना में गोविंदा की मृत्यु होने या दोनों हाथ, दोनों पैर अथवा दोनों आंखों की क्षति होने पर संबंधित लाभार्थी या उसके नामित व्यक्ति को 10 लाख रुपये का बीमा मुआवजा मिलेगा। वहीं, एक हाथ, एक पैर अथवा एक आंख की क्षति होने पर 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। दुर्घटना के कारण स्थायी पूर्ण दिव्यांगता होने पर भी 10 लाख रुपये तक का मुआवजा मिलेगा। स्थायी आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में बीमा पॉलिसी में निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी :

बीमा योजना में दुर्घटना के बाद अस्पताल में भर्ती होने वाले गोविंदाओं के उपचार के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान किया गया है। दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर वास्तविक उपचार खर्च अथवा 1 लाख रुपये तक, जो पॉलिसी के तहत लागू होगा, चिकित्सा सहायता के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गंभीर चोट लगने की स्थिति में गोविंदा और उनके परिवार पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में मदद मिलेगी।

दही हांडी महाराष्ट्र के प्रमुख उत्सवों में शामिल है। जन्माष्टमी के अवसर पर गोविंदाओं की टोलियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर कई स्तरों वाली मानव पिरामिड बनाती हैं और ऊंचाई पर लटकी हांडी को फोड़ती हैं। इस दौरान गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है। ऐसे में सरकार की बीमा योजना को गोविंदाओं के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच माना जा रहा है।

महाराष्ट्र में बड़े स्तर पर होता है आयोजन

दही हांडी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी के अवसर पर मनाई जाती है। महाराष्ट्र में इस उत्सव का विशेष महत्व है और मुंबई समेत राज्य के विभिन्न हिस्सों में बड़े पैमाने पर दही हांडी कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें बड़ी संख्या में गोविंदा और दर्शक शामिल होते हैं। सरकार के इस फैसले से प्रतिभागियों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

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