– दिन में बिजली उपयोग पर सीधी छूट
– अब नहीं आएंगे अनुमानित बिल: स्मार्ट मीटर से मिलेगी सटीक रीडिंग और पारदर्शिता
नागपुर :- प्रौद्योगिकी की गति के साथ कदम मिलाकर चलते हुए, महावितरण ने राज्य में बिजली वितरण प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव ला दिया है. घडी, मोबाइल और टीवी की तरह, बिजली के मीटर भी अब ‘स्मार्ट’ हो गए हैं और अब तक नागपुर सर्कल के 5 लाख 62 हजार 186 उपभोक्ताओं को ये अत्याधुनिक स्मार्ट टीओडी (टाइम ऑफ डे) मीटर लगाए जा चुके हैं. खास बात यह है कि इस तकनीक से उपभोक्ताओं को न केवल सटीक बिल मिलेंगे, बल्कि महावितरण ने उन्हें दिन के समय बिजली का उपयोग करने पर बिल में सीधी छूट पाने का सुनहरा अवसर भी प्रदान किया है.
स्मार्ट टीओडी मीटर पूरी तरह से डिजिटल तकनीक पर आधारित हैं. चूंकि ये मीटर बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के मुख्यालय में ही सटीक रीडिंग रिकॉर्ड करेंगे, इसलिए ‘औसत’ या ‘अनुमानित’ बिलों की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी. ये मीटर पूरी तरह से पोस्टपेड हैं और ग्राहकों को मौजूदा मासिक प्रणाली की तरह ही बिल का भुगतान करना होगा. गौरतलब है कि महावितरण ने इन मीटरों के लिए कोई ऋण नहीं लिया है और यह परियोजना केंद्र सरकार के अनुदान से कार्यान्वित की जा रही है. इसलिए, इसके लिए ग्राहकों से कोई अतिरिक्त शुल्क या जमा राशि नहीं ली जाती है. पुराने मीटरों को बदलना एक नियमित प्रक्रिया है और इसके लिए नागपुर सर्कल के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके ने ग्राहकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है.
स्मार्ट मीटर का सबसे बड़ा फायदा ‘टीओडी’ (दिन के हिसाब से बिजली खपत) छूट है. 1 जुलाई, 2०25 से लागू ऐतिहासिक निर्णय के अनुसार , सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली का उपयोग करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 8० पैसे से लेकर 1 रुपये प्रति यूनिट तक की छूट मिल रही है. उदाहरण के लिए, यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 1०० यूनिट है और वह दिन के समय बिजली का उपयोग करता है, तो छूट केकारण उसका 875 रुपये का बिल घटकर 784 रुपये हो सकता है. चूंकि उपभोक्ताओं को महावितरण के विशेष ‘ऐप’ पर अपनी प्रति घंटे की खपत की जानकारी मिलेगी, इसलिए बिजली की खपत को नियंत्रित करना आसान हो गया है.
‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ को मिलेगा बढ़ावा
नागपुर सर्कल के अंतर्गत नागपुर शहर मंडल में अब तक 3 लाख 1 हजार 313 मीटर, नागपुर ग्रामीण मंडल में 1 लाख 52 हजार 571 मीटर और वर्धा मंडल में 1 लाख 8 हजार 3०2 मीटर लगाए जा चुके हैं. ये मीटर ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने वाले उपभोक्ताओं के लिए बहुत उपयोगी होंगे, क्योंकि इसमें नेट मीटरिंग की सुविधा भी शामिल है. पारदर्शिता बढ़ाने और बिजली बिलों में सीधी छूट प्रदान करने के लिए ये बदलाव किए जा रहे हैं और महावितरण ने उपभोक्ताओं से इस आधुनिक तकनीक को अपनाकर अपने बिजली बिलों को कम करने की अपील की है.








