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डॉक्टरों का आंदोलन स्थगित

– हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आईएमए का फैसला, सेवाएं बहाल

नागपुर :- सीसीएमपी पाठ्यक्रम पूरा कर चुके बीएचएमएस डॉक्टरों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएमसी) में पंजीयन देने के राज्य सरकार के फैसले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की ओर से राज्यभर में चलाया जा रहा आंदोलन गुरुवार को स्थगित कर दिया गया। मुंबई हाईकोर्ट द्वारा इस मामले का स्वतः संज्ञान (सुओ-मोटो) लिए जाने और प्रभारी मुख्य न्यायाधीश की अपील के बाद आईएमए ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही सभी डॉक्टरों को तत्काल काम पर लौटकर मरीजों को चिकित्सा सेवाएं देने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य सरकार ने 3 अगस्त को जारी शासन निर्णय (जीआर) के माध्यम से सीसीएमपी पाठ्यक्रम पूरा करने वाले बीएचएमएस डॉक्टरों के लिए महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीयन का रास्ता साफ किया था। आईएमए सहित निवासी डॉक्टर संगठनों ने इस निर्णय का विरोध किया था। विरोध के चलते नागपुर समेत राज्य के कई सरकारी अस्पतालों में नियोजित सर्जरी टालनी पड़ीं, जबकि बाह्यरोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं भी प्रभावित हुईं। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। आईएमए महाराष्ट्र राज्य की ओर से जारी पत्र के अनुसार, मुंबई हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की। प्रभारी मुख्य न्यायाधीश द्वारा डॉक्टरों से मरीजों के हित में आंदोलन समाप्त कर सेवाएं बहाल करने की अपील की गई। हाईकोर्ट के इस आह्वान का सम्मान करते हुए आईएमए ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया। आईएमए ने अपने सभी सदस्यों से तत्काल अपने-अपने कार्यस्थल पर लौटने और नियमित रूप से मरीजों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की अपील की है।

हाईकोर्ट ने क्या निर्देश दिए?

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 3 अगस्त के शासन निर्णय को उसके मूल उद्देश्य के अनुरूप तत्काल लागू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बीएचएमएस-सीसीएमपी डॉक्टरों के पंजीयन के लिए एक प्रमाणित मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) तैयार करने के लिए समिति गठित करने को कहा है। इस समिति में आईएमए, निवासी डॉक्टरों तथा इस मामले से जुड़े अन्य सभी संबंधित पक्षों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पंजीयन प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट और एकरूप व्यवस्था तैयार की जा सके।

13 और 14 अगस्त को होगी सुनवाई

महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में होम्योपैथी स्नातकों के पंजीयन से संबंधित लंबित याचिका पर हाईकोर्ट 13 और 14 अगस्त को लगातार सुनवाई करेगा। न्यायालय ने मामले में जल्द से जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। इस सुनवाई पर डॉक्टरों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े संगठनों की नजर बनी हुई है।

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