– महिला मरीजों की सुरक्षा की चिंता, पुरुष परिजनों की मौजूदगी से बढ़ा तनाव
नागपुर :- डागा अस्पताल, जिसे महिलाओं और बच्चों के इलाज के लिए जाना जाता है, में अस्पताल परिसर में महिला मरीजों और उनके महिला परिजनों के लिए एक विशेष निवास स्थान की व्यवस्था की गई है। इस निवास स्थान का उद्देश्य महिलाओं को इलाज के दौरान सुरक्षित और आरामदायक ठहरने की सुविधा प्रदान करना है। लेकिन हालात इसके विपरीत हैं। अस्पताल में आए कई महिला मरीजों और उनके परिजनों ने शिकायत की है कि महिला निवास स्थान में पुरुषों की आम मौजूदगी हो गई है। मरीजों का कहना है कि जब वे इलाज के लिए अस्पताल आती हैं और रुकती हैं, तो उनके पुरुष परिजन—जैसे पति, भाई या अन्य रिश्तेदार—भी उनके साथ आते हैं। अस्पताल में पुरुषों के ठहरने के लिए कोई अलग व्यवस्था उपलब्ध नहीं होने के कारण वे भी उसी महिला निवास स्थान में ठहर जाते हैं।
इससे महिला मरीजों को कई तरह की असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई महिलाओं ने बताया कि पुरुषों की मौजूदगी से वे आराम से रह नहीं पातीं और निजी सुरक्षा की भावना कम हो जाती है। अस्पताल के अधिकारियों की ओर से अभी तक इस मामले में कोई कड़ा नियंत्रण या निगरानी नहीं दिखाई देती। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला और पुरुष निवास व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है और जल्द ही इसके लिए नई दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे। हालांकि, मरीज और परिजन अभी भी चिंता में हैं और चाहते हैं कि अस्पताल परिसर में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संवेदनशील जगहों पर स्पष्ट नियम और कड़ी निगरानी जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए और पुरुषों के प्रवेश और ठहरने पर स्पष्ट नियम और निगरानी की आवश्यकता है। अस्पताल में अन्य राज्यों और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में यह स्वाभाविक है कि मरीज अपने साथ किसी पुरुष परिजन को सुरक्षा और सहयोग हेतु लेकर आएंगी। प्रश्न यह है कि जब पुरुष परिजन के लिए अलग से रहने की व्यवस्था नहीं है, तो वे जाएं कहाँ?








