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नागपुर शीतकालीन सत्र पर संशय

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<p><strong>&&num;8211&semi; कर्मचारियों की कमी और ठेकेदारों की हड़ताल बनी बाधा<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>&&num;8211&semi; बावनकुले ने दिए जेसीबी चालकों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 8 दिसंबर को नागपुर में आयोजित किया जाना है। हालाँकि&comma; स्थानीय निकाय चुनावों को देखते हुए&comma; सत्र के लिए कर्मचारियों की कमी हो सकती है। इसलिए&comma; सत्र 8 से 10 दिन टलने की संभावना है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने एक अनौपचारिक बातचीत के दौरान इस संबंध में संकेत दिए। ठेकेदारों के काम रोकने के कारण शीतकालीन सत्र पर ग्रहण लग गया है। मंत्रियों के कई बंगलों का काम लंबित है। 150 करोड़ रुपये के बकाया बिलों के कारण ठेकेदारों ने काम रोको आंदोलन शुरू कर दिया है। इसलिए&comma; सत्र को नागपुर के बजाय मुंबई में आयोजित करने पर विचार-विमर्श चल रहा है। हालाँकि&comma; नागपुर समझौते के अनुसार&comma; विधानमंडल का एक सत्र नागपुर में आयोजित करना अनिवार्य है। जिला परिषद के चुनाव दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में होंगे। इसमें सरकारी मशीनरी कार्यरत रहेगी। इसलिए&comma; उसके बाद ही शीतकालीन सत्र आयोजित करना संभव होगा। इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि&comma; बावनकुले ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उप-राजधानी समेत राज्य में कई जगहों पर विकास कार्य चल रहे हैं और सड़कों की अंधाधुंध खुदाई हो रही है। इसके लिए मुख्य रूप से जेसीबी चालक ज़िम्मेदार हैं। वे निर्देशों का पालन किए बिना मनमाने ढंग से सड़कें खोदते हैं। इससे जनता प्रभावित होती है। इसलिए&comma; बावनकुले ने ऐसे जेसीबी चालकों के खिलाफ मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले हफ़्ते नागपुर में खुदाई में लगी सभी संबंधित एजेंसियों की एक संयुक्त बैठक आयोजित करने का भी सुझाव दिया।<&sol;p>&NewLine;

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