spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

भारत में हिंदू जिन्ना का शासन चाहता है आरएसएस

– उद्वव की पार्टी ने संघ के डीएनए पर उठाए सवाल

मुंबई :- शिवसेना पिछले कई दिनों से लगातार बीजेपी और संघ पर निशाना साध रहे हैं. इसी कड़ी में आज अपने मुखपत्र सामना के जरिए भी संघ पर हमला बोला है. इसके साथ ही आरएसएस के डीएनए पर सवाल किया है. मुखपत्र में लिखा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डीएनए में किस तरह का राष्ट्रवाद और हिंदुत्व है? इस पर शोध करने की आवश्यकता है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और उसके बाद के राष्ट्र निर्माण कार्यों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कहीं नहीं था. भारत के स्वतंत्रता संग्राम की जरा-सी भी खरोंच संघ की प्रगति पर नहीं पड़ी है. आश्चर्य की बात है कि ये लोग फिर भी आजादी, राष्ट्रवाद आदि पर भाषण झाड़ते हैं. मुखपत्र में लिखा कि मोदी-शाह का शासन संघ के सपने को साकार करना है. संघ की धारणा देश की एकता को समाप्त कर यहां सहिष्णु हिंदुओं का नहीं बल्कि कट्टर, सड़ी हुई मानसिकता वाले हिंदुओं का शासन स्थापित कर उस राज को हिंदू राष्ट्र के रूप में मान्यता दिए जाने की है. संक्षेप में, संघ यहां हिंदू मोहम्मद अली जिन्ना का शासन चाहता है.

उनका लक्ष्य भारत को हिंदू पाकिस्तान बनाना है और इसके लिए चाहे व्यक्तिगत स्वतंत्रता, लोकतंत्र और देश की संसद की बलि ही क्यों न देनी पड़े. आगे लिखा क संघ के बौद्धिक विभाग को श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश में भड़के जन-आंदोलन पर चिंतन करना चाहिए. वहां के शासकों ने पहले लोगों को कट्टरता और उग्र राष्ट्रवाद का डोज देकर मदहोश किया, बाद में उस नशे की मात्रा बढ़ाकर लोगों को अंधभक्त बना दिया. जब लोग समाधि की उस अवस्था में पहुंच गए. मोदी-शाह का शासन संघ के सपने को साकार करना है. संघ की धारणा देश की एकता को समाप्त कर यहां सहिष्णु हिंदुओं का नहीं बल्कि कट्टर, सड़ी हुई मानसिकता वाले हिंदुओं का शासन स्थापित कर उस राज को हिंदू राष्ट्र के रूप में मान्यता दिए जाने की है. पड़ोसी देशों का जिक्र करते हुए लिखा कि जब लोकतंत्र का गला घोंटा जाता है और लोकतांत्रिक तरीकों से बदलाव लाने के रास्ते बंद कर दिए जाते हैं, तभी ऐसे जनाक्रोश से क्रांति होती है. सरसंघचालक को डर है कि ऐसा जनाक्रोश भारत में भी होगा, क्योंकि पिछले दस सालों में मोदी-शाह ने जनता से झूठे वादे किए. धार्मिक दंगे करवाए. उन्होंने पूरे देश को अडानी जैसे लाडले उद्योगपतियों की जेब में डाल दिया. सरसंघचालक को इस लूट पर कड़ा बयान देने की जरूरत थी. मुखपत्र में लिखा कि संघ के 100 साल पूरे होने पर केंद्र सरकार ने उसके नाम पर डाक टिकट और विशेष सिक्के जारी किए हैं, लेकिन संघ द्वारा बनाया गया भाजपा का सिक्का नकली और भ्रष्ट है. संघ ने मोदी-शाह जैसे तानाशाह पैदा किए हैं और उनकी तानाशाही को मजबूत किया है, अब संघ के ये पाप आज देश की गर्दन पर सवार हैं. इन मंडलियों के राष्ट्रवाद का रोज पर्दाफाश हो रहा है.

मोहन भागवत ने भी बीजेपी के सुर से सुर मिलाया

मुखपत्र में लिखा कि सरसंघचालक मोहन भागवत ने संघ के विजयादशमी सम्मेलन में हमेशा की तरफ अपना भाषण दिया. उसमें कोई मार्गदर्शन, दिशा-निर्देश आदि नहीं था. संघ की स्थापना को सौ वर्ष हो चुके हैं. इसलिए यह माना जा रहा था कि विजयादशमी सम्मेलन में कुछ अलग संदेश दिया जाएगा. सरसंघचालक ने बीजेपी के ही सुर में सुर मिलाया है.

Popular Articles