Home Latest News गर्भपात में पति की मर्जी जरूरी नहीं : हाई कोर्ट

गर्भपात में पति की मर्जी जरूरी नहीं : हाई कोर्ट

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<p><strong>चंडीगढ़ &colon;-<&sol;strong> पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक 21 साल की महिला को गर्भपात की इजाजत देते हुए कहा है कि शादीशुदा महिला की मर्जी और सहमति ही सबसे अहम है। कोर्ट ने साफ किया कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी &lpar;एमटीपी&rpar; एक्ट&comma; 1971 के तहत पति की सहमति की कोई जरूरत नहीं है। महिला ने कोर्ट में याचिका दायर कर गर्भपात की इजाजत मांगी थी। वह पंजाब की रहने वाली है और उसकी शादी 2 मई 2025 को हुई थी। याचिका में बताया गया कि उसका पति से रिश्ता ठीक नहीं है और तलाक की प्रक्रिया चल रही है। जस्टिस सुवीर सहगल की बेंच ने कहा कि महिला की मेडिकल स्थिति गर्भपात के लिए उपयुक्त है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एमटीपी एक्ट में पति की सहमति की कोई अनिवार्यता नहीं है।<&sol;p>&NewLine;

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