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धर्म आधारित ‘सुकून एम्पायर’ प्रकल्प पर तुरंत प्रतिबंध लगाएं – हिन्दू जनजागृति समिति

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<p style&equals;"font-weight&colon; 400&semi;">&NewLine;<p style&equals;"font-weight&colon; 400&semi;"><strong>कर्जत में <&sol;strong><strong>&OpenCurlyQuote;<&sol;strong><strong>हलाल टाउनशिप<&sol;strong><strong>’ <&sol;strong><strong>के विरोध में आंदोलन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p style&equals;"font-weight&colon; 400&semi;"><strong>रायगढ़ १० &&num;8211&semi;<&sol;strong> रायगढ़ ज़िले में कर्जत के पास नेरल में बनाए जाने वाले &OpenCurlyQuote;सुकून एम्पायर – हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप’ इस धर्म-आधारित गृह-परियोजना प्रकल्प का हिन्दू जनजागृति समिति ने तीव्र विरोध किया है। &OpenCurlyQuote;केवल मुसलमानों के लिए’ ऐसी विज्ञापन करने वाला यह प्रकल्प संविधान&comma; क़ानून और सामाजिक सौहार्द के पूर्ण विरोध में होने से इस प्रकल्प पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए ऐसी मांग हिन्दू जनजागृति समिति ने केंद्रीय गृहमंत्री&comma; महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री&comma; उपमुख्यमंत्री तथा राज्य नगर विकास मंत्री से निवेदन द्वारा की है। हिन्दू जनजागृति समिति तथा समविचारी संगठनों ने 9 सितंबर को कर्जत पोस्ट ऑफिस के पास आंदोलन किया। इस आंदोलन में  विश्व हिंदू परिषद&comma; राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ&comma; शिवप्रतिष्ठान हिंदुस्थान&comma; गोरक्षक दल-खालापूर&comma; सनातन संस्था और हिन्दू जनजागृति समिति आदी संगठनों के प्रतिनिधि और राष्ट्र तथा धर्मप्रेमी नागरिक उपस्थित थे &vert;<&sol;p>&NewLine;<p style&equals;"font-weight&colon; 400&semi;">राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग &lpar;NHRC&rpar; ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए महाराष्ट्र सरकार को नोटिस भेजी है। आयोग ने इस प्रकल्प को समाज में विष फैलानेवाला तथा देश में &OpenCurlyQuote;राष्ट्र के भीतर राष्ट्र’ बनाने का प्रयास बताया है। साथ ही राज्य सरकार को दो सप्ताह में कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।<&sol;p>&NewLine;<p style&equals;"font-weight&colon; 400&semi;">समिति ने स्पष्ट कहा है कि &OpenCurlyQuote;सुकून एम्पायर’ जैसे धर्माधारित प्रकल्प भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15 का उल्लंघन करते हैं&comma; क्योंकि वे धर्म के आधार पर भेदभाव करते हैं। साथ ही रियल एस्टेट &lpar;रेरा&rpar; क़ानून के अनुसार विज्ञापन भेदभाव रहित और पारदर्शी होना आवश्यक है&semi; किंतु इस प्रकल्प का प्रचार केवल एक धर्म के लिए होने से क़ानून का उल्लंघन होता है। ऐसे धर्म-आधारित आवासीय प्रकल्पों से समाज में कृत्रिम विभाजन बढ़ता है और सामाजिक शांति को खतरा उत्पन्न होता है&comma; ऐसा समिति ने कहा है।<&sol;p>&NewLine;<p style&equals;"font-weight&colon; 400&semi;">हिन्दू जनजागृति समिति ने सरकार से तत्काल उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही इस प्रकरण में विकासक का &OpenCurlyQuote;महा-रेरा’ परवाना रद्द किया जाए तथा प्रकल्प को अनुमति देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदारी निश्चित कर कार्रवाई की जाए। इतना बड़ा प्रकल्प स्थानीय प्रशासन और गुप्तचर यंत्रणाओं के ध्यान में न आने के कारण स्वतंत्र जांच होनी चाहिए। इस प्रकल्प में प्रयुक्त आर्थिक स्रोत&comma; विशेषकर FCRA और CSR फंड की पारदर्शक जांच की जाए – ऐसी भी समिति की मांग है।<&sol;p>&NewLine;<p style&equals;"font-weight&colon; 400&semi;">भविष्य में ऐसे प्रकल्पों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाकर महाराष्ट्र में सर्वसमावेशक शहरी नियोजन के लिए स्पष्ट नीति घोषित की जाए यह समिति की मांग है। समिति ने कहा है कि उत्तर प्रदेश ने हलाल प्रमाणीकरण पर प्रतिबंध लगाकर समानांतर अर्थव्यवस्था को रोका है&semi; महाराष्ट्र ने भी धर्म-आधारित आवासीय प्रकल्पों पर तुरंत प्रतिबंध लगाकर सामाजिक एकता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।<&sol;p>&NewLine;

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