नागपुर :- महामेट्रो में बेटी को नौकरी दिलाने का झांसा देकर 42 वर्षीय महिला से 7 लाख रुपये की ठगी का मामला तहसील पुलिस थाना क्षेत्र में सामने आया है। आरोप है कि आरोपियों ने पहले महिला को घर बेचने में मदद कर विश्वास हासिल किया और बाद में उनकी इंजीनियर बेटी को महामेट्रो में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर अलग-अलग कारणों से 7 लाख रुपये ले लिए। नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस नहीं करने पर महिला ने तहसील पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित महिला अपना घर बेचने का प्रयास कर रही थीं। इसी दौरान उनकी पहचान आरोपी उमर फारूक अहमद नबी (42) से हुई। आरोप है कि उमर ने महिला को घर बिकवाने में मदद की। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकी बढ़ गई और उमर का महिला की केबल दुकान पर भी आना-जाना शुरू हो गया। इसी दौरान उमर ने महिला की बेटी के बारे में जानकारी ली। महिला ने बताया कि उनकी बेटी इंजीनियर है। आरोप है कि उमर ने इसी बात का फायदा उठाते हुए बेटी को महामेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। उसने महिला की पहचान अपने परिचित देवेंद्र गोवर्धन तवले (45) से भी कराई। दोनों आरोपियों ने महिला को नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया और नौकरी की प्रक्रिया सहित अलग-अलग कारण बताते हुए उनसे कुल 7 लाख रुपये ले लिए। हालांकि, रकम लेने के बाद भी बेटी को नौकरी नहीं मिली। महिला द्वारा पैसे वापस मांगने पर भी रकम लौटाई नहीं गई।काफी समय बीतने के बाद महिला को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने तहसील पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने उमर फारूक अहमद नबी और देवेंद्र तवले के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों से जुड़े लेन-देन, नौकरी दिलाने के नाम पर लिए गए पैसों और पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।





