spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

कन्हान का पानी काला, जिम्मेदार कौन?

– प्रदूषण के स्रोत पर सवाल, संबंधित विभागों से जांच की मांग

नागपुर :- कन्हान नदी का बहता पानी अचानक काले रंग का दिखाई देने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नदी के पानी का रंग बदलने से जल प्रदूषण का गंभीर मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। नदी किनारे स्थित कोयला खदानों, बिजली केंद्र और औद्योगिक क्षेत्रों से दूषित पानी नदी में मिलने की आशंका जताई जा रही है।

इस संबंध में राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (निरी) के एक अधिकारी से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि खापरखेड़ा बिजली केंद्र से निकलने वाले नाले का पानी कन्हान नदी में मिल रहा है। उनके अनुसार, इस नाले के बहाव को रोकने के लिए बिजली केंद्र प्रशासन को कई बार मौखिक निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बिजली केंद्र के पास ही नदी का पानी दूषित दिखाई देने से नाले के पानी को इसकी संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, पानी के नमूनों की जांच के बाद ही प्रदूषण के वास्तविक स्रोत का पता चल सकेगा।

औद्योगिक गतिविधियों से प्रदूषण की आशंका

पवनगांव क्षेत्र में नाग नदी के कन्हान नदी से मिलने वाले स्थान पर भी दूषित पानी की समस्या सामने आई है। इसके अलावा, खदान क्षेत्रों में भी इसी तरह का प्रदूषण दिखाई देने की बात कही गई है। नदी किनारे स्थित औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले दूषित पानी के कारण जलस्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

करीब 15 वर्ष पहले भी खापरखेड़ा बिजली केंद्र के नाले से काले रंग का तेल नदी में मिलने की घटना सामने आई थी। उस समय नदी का पानी बड़े पैमाने पर दूषित हुआ था। वर्तमान घटना ने एक बार फिर नदी के प्रदूषण और औद्योगिक अपशिष्ट के निपटारे को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

पानी के नमूनों की जांच और कार्रवाई जरूरी

कन्हान नदी के पानी का रंग काला होने के पीछे की वास्तविक वजह जानने के लिए संबंधित विभागों द्वारा तत्काल पानी के नमूने लेकर उनकी जांच कराना जरूरी है। साथ ही नदी में मिलने वाले नालों का निरीक्षण कर यह पता लगाया जाना चाहिए कि दूषित पानी कहां से आ रहा है।

जांच में यदि किसी औद्योगिक इकाई या अन्य स्रोत से प्रदूषण फैलने की पुष्टि होती है, तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, नदी के पानी के काले होने का वास्तविक कारण आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं हुआ है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही प्रदूषण के स्रोत और उसकी गंभीरता का पता चल सकेगा।

Popular Articles