नागपुर :- वर्ष 2018 में एमआईडीसी थाना क्षेत्र में प्रेम संबंधों के विवाद में एक युवती की हत्या और उसके पति पर जानलेवा हमला करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट क्रमांक 19, विनय मुगलिकर ने आरोपी दाते लेआउट, बाबरे, नागपुर निवासी सचिन पुरुषोत्तम पेंदोर (28) को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 307 के तहत आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 3,000 रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई। जुर्माना नहीं भरने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, फरियादी संगीता परते की 22 वर्षीय बेटी गितेश्वरी मडावी का पति के साथ विवाद और मारपीट होने के कारण अपने माता-पिता के पास जयताला स्थित निर्माणाधीन मकान में रह रही थी। इसी दौरान उसका आरोपी सचिन पेंदोर से प्रेम संबंध बन गया। आरोपी शराब का आदी था और गितेश्वरी के साथ मारपीट व दुर्व्यवहार करता था।12 मार्च 2018 को जब गितेश्वरी का पति उसे वापस ले जाने के लिए निर्माण स्थल पर पहुंचा, तब आरोपी ने रंजिश में लोहे के टिकाव से गितेश्वरी के सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी तथा उसके पति पर भी जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़िता की मां की शिकायत पर एमआईडीसी पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को 16 मार्च 2018 को गिरफ्तार किया था। मामले की जांच तत्कालीन जांच अधिकारी उपनिरीक्षक मदनकर ने पूरी कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील एड. रविंद्र भोयर ने पैरवी की, जबकि बचाव पक्ष की ओर से एड. एन. टी. नकाशे ने पक्ष रखा। न्यायालयीन कार्यवाही में पुलिस हवलदार नितिन सिरसाट एवं गुरुदास ताडपल्लीनार ने समन्वय की जिम्मेदारी निभाई।





