– प्लांट के आसपास रहने वाले परिवारों में डर बरकरार, अस्पताल के खर्च को लेकर भी चिंता
नागपुर :- गोधनी जलशुद्धिकरण केंद्र में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना के करीब 48 घंटे बाद भी आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। प्लांट के नजदीक रहने वाले कई परिवार अब तक अपने घर नहीं लौटे हैं। कई मकानों पर ताले लगे हैं और लोग रिश्तेदारों के घरों में ठहरे हुए हैं।
महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण द्वारा विकसित किए जा रहे 6 एमएलडी जलशुद्धिकरण संयंत्र में क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद साकर नगर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी। हादसे में कम से कम 56 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। प्लांट से कुछ दूरी पर रहने वाले परिवार धीरे-धीरे घर लौटने लगे हैं, लेकिन करीब 100 मीटर के दायरे में रहने वाले कई लोग अभी भी घर जाने से बच रहे हैं। कुछ परिवारों ने घर के भीतर क्लोरीन जैसी गंध महसूस होने की बात कही है। स्थानीय लोगों में प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बनी हुई है। उनका कहना है कि प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि परिसर को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
इलाज के खर्च पर प्रशासन के आश्वासन का इंतजार
हादसे में प्रभावित लोगों के इलाज का खर्च कौन उठाएगा, इसे लेकर भी मरीजों के परिजन चिंतित हैं। नागपुर जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने प्लांट के दौरे के दौरान प्रभावित लोगों के इलाज का खर्च प्रशासन की ओर से उठाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, पीड़ित परिवार अब इस संबंध में स्पष्ट प्रक्रिया और अस्पताल के बिलों के भुगतान को लेकर जानकारी चाहते हैं। उनका कहना है कि इलाज लंबा चलने पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है।
क्लोरीन रिसाव की घटना के बाद जहां प्रभावित परिवारों की पहली चिंता सुरक्षित घर वापसी की है, वहीं दूसरी चिंता इलाज के खर्च को लेकर है। ऐसे में प्रशासन से दोनों मामलों में जल्द स्पष्टता की उम्मीद की जा रही है।








