spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

सरकारी अस्पतालों में लडक़ों से ज्यादा पैदा हुईं लड़कियां

– 1 जनवरी को नागपुर में 54.83% जन्म लड़कियों के

नागपुर :- नागपुर सहित राज्य में आज भी लड़कियों की जन्म दर लडक़ों की तुलना में कम है. लेकिन नए साल के पहले दिन नागपुर के सरकारी अस्पतालों से खुशखबरी आई है. शहर के मेडिकल, मेयो अस्पताल, और डागा अस्पताल में 31 दिसंबर की मध्यरात्रि 12 बजे से 1 जनवरी की शाम 5 बजे तक कुल 62 बच्चों का जन्म हुआ. इनमें से 34 लड़कियां थीं. नए साल के पहले दिन लड़कियों की जन्म दर अधिक थी.

उपराजधानी में मेडिकल अस्पताल में 17 लडक़े और 15 लड़कियां, मेयो अस्पताल में 4 लडक़े और 4 लड़कियां और डागा अस्पताल में 7 लडक़े और 15 लड़कियां पैदा हुईं. आज समाज में लडक़े और लड़कियों के बीच का अंतर कम हो रहा है और दोनों को समान रूप से देखा जा रहा है. मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग की प्रमुख डॉ. रितुजा फुके ने कहा कि, यह सरकारी नीतियों और कानूनों का सकारात्मक परिणाम है. कुल जन्मों में से लड़कियों की जन्म दर 54.83 प्रतिशत और लडक़ों की जन्म दर 45.16 प्रतिशत है. यानी, नए साल के पहले दिन लड़कियों की जन्म दर लडक़ों की तुलना में 9.67 प्रतिशत अधिक है.

बदल रही है जन्म दर की तस्वीर

हालांकि, पिछले साल स्थिति अलग थी. 2०24 में नागपुर शहर में कुल 43,9०6 जन्म दर्ज किए गए. इनमें से 22,511 लडक़े (51.27 प्रतिशत) और 21,391 लड़कियां (48.71 प्रतिशत) थीं। उस समय, लड़कियों की जन्म दर लडक़ों की जन्म दर से 2.56 प्रतिशत कम थी. वहीं, विशेषज्ञों ने यह राय व्यक्त की है कि यह केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि समाज में बदलाव का एक सकारात्मक संकेत है.

Popular Articles