spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

रेलवे गौण खनिज स्कैम में डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को नोटिस

– विधानसभा डिप्टी स्पीकर ने पूरी जानकारी के साथ पेश होने का दिया आदेश

यवतमाल :- वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ रेलवे प्रोजेक्ट में गौण खनिज भ्रष्टाचार मामले की जांच हाल ही में इकोनॉमिक ऑफेंस विंग को सौंपी गई थी। इसके बाद, विधानसभा के डिप्टी स्पीकर अन्ना बंसोडे ने यवतमाल के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को महाराष्ट्र विधानसभा सेक्रेटेरिएट में जानकारी के साथ मौजूद रहने का आदेश दिया। आदेश दिए जाने के बाद भी प्रशासन डिटेल्ड रिपोर्ट देने में आनाकानी कर रहा है, इसलिए अब इस मामले को मेरिट के आधार पर लिया गया है। एक तरफ इकोनॉमिक ऑफेंस विंग की जांच और दूसरी तरफ खुद विधानसभा के डिप्टी स्पीकर इस पर फोकस कर रहे हैं, जिससे दोषी अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों में घबराहट है। वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ रेलवे प्रोजेक्ट में गौण खनिज घोटाला केस की सुनवाई लेजिस्लेटिव असेंबली के डिप्टी स्पीकर के चैंबर में चल रही है। डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को इस केस में एक महीने के अंदर डिटेल्ड रिपोर्ट देने का ऑर्डर दिया गया था। रिपोर्ट को सबमिट होने से रोकने और केस को दबाने के लिए कुछ दोषी अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर्स ने लेजिस्लेटिव असेंबली के डिप्टी स्पीकर के प्राइवेट सेक्रेटरी के साथ मिलीभगत की। इसकी जानकारी मिलने पर अमोल कोमावार ने डिप्टी स्पीकर अन्ना बनसोडे को एक डिटेल्ड कंप्लेंट दी। इस शिकायत को गंभीरता लेते हुए प्राइवेट सेक्रेटरी संतोष परदेशी का डेपुटेशन कैंसिल कर दिया गया। इसके बाद, केस की जांच मुंबई के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग के पुलिस कमिश्नर को सौंप दी गई। विधानसभा के डिप्टी स्पीकर द्वारा इस केस को मेरिट पर लेने के बाद इन्वेस्टिगेशन में तेज़ी आ गई है।

हथकड़ी लगने का डर

यवतमाल रेलवे लाइन पर सब-कॉन्ट्रैक्टर ने रेवेन्यू अधिकारियों की मिलीभगत से मुरुम और माइनर मिनरल्स को खुले बाज़ार में बेच दिया। यह घोटाला करीब 12,000 करोड़ रुपये का है। कुल 33 किमी में से सिर्फ़ 5 किमी एरिया का ईटीसी कैलकुलेशन किया गया। कुछ कॉन्ट्रैक्टर पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अगर ईटीसी कैलकुलेट किया गया तो करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आएगा और कई दोषी अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर पर हथकड़ी लगने का अनुमान है।

पुसद, उमरखेड़ घोटाले पर मीटिंग

वर्धा यवतमाल नांदेड़ रेलवे प्रोजेक्ट में पुसद और उमरखेड़ तहसील में गैर-कानूनी तरीके से भारी मात्रा में गौण खनिज की माइनिंग की गई। 11 महीने से शिकायत किए जाने के बावजूद ईटीसी कैलकुलेशन नहीं किया गया। इसके उलट आरोप है कि एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ने विधानसभा के डिप्टी स्पीकर को मनगढ़ंत जांच रिपोर्ट भेजी। इस बारे में विधानसभा के डिप्टी स्पीकर ने 26 नवंबर को दोपहर 2.30 बजे एक स्पेशल मीटिंग बुलाई है और यवतमाल के डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर को पूरी जानकारी के साथ मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।

Popular Articles