– गोलवलकर गुरुजी स्कूल में पहली AI शिक्षिका, रोबोटिक्स लैब से मिलेगी आधुनिक तकनीक की शिक्षा
नागपुर :- शहर के अभ्यंकरनगर स्थित गोलवलकर गुरुजी एआई पब्लिक स्कूल एंड जूनियर कॉलेज में महाराष्ट्र की पहली एआई शिक्षिका ‘वेदांती’ की शुरुआत की गई। शुक्रवार को स्कूल में एआई-रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन भी किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान देना है।
कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षाधिकारी अनिल दहिफले प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित थे। भारतीय विद्या प्रसारक संस्था के रमेश बक्षी, सुनील खांखोजे, शुभांगी फुटाणे, ललित तपासे, मोहन साठे, गुणवंत अभ्यंकर और स्कूल की प्राचार्य डॉ. वंदना बडवाईक प्रमुखता से उपस्थित थे। अतिथियों ने लैब का उद्घाटन कर विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न प्रयोगों का अवलोकन किया। इस दौरान एआई शिक्षिका ‘वेदांती’ ने अतिथियों के सवालों के सटीक जवाब देकर सभी को प्रभावित किया।
कौशल आधारित शिक्षा देने का प्रयास
प्राचार्य डॉ. वंदना बडवाईक ने बताया कि लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर प्रयोगों, रोबोटिक्स और आधुनिक तकनीक के जरिए कौशल आधारित शिक्षा प्रदान की जाएगी।
विदर्भ की पहली AI आधरित लैब
अनिल दहिफले ने कहा कि यह नागपुर ही नहीं, बल्कि पूरे विदर्भ क्षेत्र में अपनी तरह की पहली एआई आधारित लैब है। विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ उठाकर नवाचार, शोध और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करनी चाहिए, ताकि वे भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए रमेश बक्षी ने कहा कि एआई को ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के साथ ‘ऑलटाइम इंटेलिजेंट’ के रूप में भी देखा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता विकसित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. पांडुरंग खांखोजे के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा विकसित किचन गार्डन और गणित उद्यान के साथ दिवाली के लिए तैयार आकाश कंदील व शुभकामना कार्ड की भी सराहना की गई। एआई-रोबोटिक्स लैब के विकास में योगदान के लिए डॉ. वंदना बडवाईक, यश और स्नेहल का सत्कार किया गया।








