Home Latest News अफीम तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश

अफीम तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश

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<p><strong>&&num;8211&semi; झारखंड से नागपुर तक फैला जाल<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;- <&sol;strong>झारखंड से नागपुर तक फैले अंतरराज्यीय मादक पदार्थ की तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश करने में नागपुर ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता मिली है&period; एक ट्रक चालक के पास अफीम मिलने के बाद ग्रामीण पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने अन्य राज्यों में भी फैले रैकेट का भंडाफोड़ किया है&period; झारखंड के सिमडेगा जिले में चलाए गए हाई-रिस्क ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने 33 किलो 767 ग्राम अफीम&comma; 23&period;35 लाख रुपये नकद सहित कुल 1&period;92 करोड़ रुपये का मुद्देमाल जब्त किया है&period; मामले में अब तक 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है&comma; जबकि गिरोह से जुड़े अन्य तस्करों की तलाश जारी है&period; पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई कई दिनों तक चली तकनीकी निगरानी&comma; गुप्त सूचना और लगातार ट्रैकिंग के बाद संभव हो सकी&period; जांच में यह सामने आया कि गिरोह झारखंड से महाराष्ट्र तक अफीम की सप्लाई कर रहा था&period; मामले की शुरुआत 20 मई को उमरेड से हुई&period; पुलिस को जानकारी मिली थी कि उमरेड के जांच में पता चला कि हरबंश नियमित रूप से इसके पहले भी माल लेकर नागपुर आया है&period; प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसपी हर्ष पोद्दार और एडिश्नल एसपी अनिल मस्के ने विशेष जांच टीम गठित की&period; पोद्दार ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य केवल वाहकों को पकड़ना नहीं बल्कि सप्लायर से लेकर रिसीवर तक पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना था&period; इसके लिए तकनीकी विश्लेषण&comma; गुप्त सूचना तंत्र और सतत निगरानी का सहारा लिया गया&period; पुलिस टीम झारखंड के सिमडेगा जिले के करपनादाश क्षेत्र स्थित भंडारटोली गांव पहुंची&period; 25 मई को होटल व्यवसायी मनीषकुमार अंबिका प्रसाद &lpar;46&rpar; को गिरफ्तार किया गया&period; पूछताछ में पता चला कि उसने अपने घर के पीछे खेत में अफीम की बड़ी खेप गाड़ रखी है&period; पुलिस ने मौके से 33 किलो 767 ग्राम अफीम जब्त की जिसकी कीमत 1&period;68 करोड़ रुपये है&period; इसके अलावा पुलिस ने अफीम की बिक्री के 23&period;35 लाख रुपये नकद&comma; इलेक्ट्रॉनिक वजन कांटा&comma; प्लास्टिक पैकिंग सामग्री और मोबाइल फोन जब्त किया&period;<&sol;p>&NewLine;<p>पुलिस को संदेह है कि नागपुर भेजी जा रही इस अफीम की खेती झारखंड में ही हो रही थी&period; आमतौर पर राजस्थान&comma; हरियाणा और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अफीम की खेती की जाती है&period; अफीम का उपयोग दवाओं के साथ अन्य उच्च गुणवता वाले रोड खदान क्षेत्र में ट्रक चालकों को अफीम बेची जाती है&period; डब्ल्यूसीएल खदान परिसर में गश्त के बाद पुलिस उमरेड-नागपुर पर गश्त करने निकली&period; इसी दौरान एमएच&period;40-एके&period; 7057 नंबर के ट्रक का चालक हरबंश सुरेश राम अपना वाहन लेकर भागता दिखाई दिया&period; संदेह के आधार नशीले पदार्थ बनाने के लिए भी किया जाता है&period; उपरोक्त राज्यों से देशभर में अफीम सप्लाई होती है लेकिन झारखंड में इतनी बड़ी मात्रा में माल मिलने के कारण संदेह है कि वहां भी अफीम की खेती हो रही थी&period; पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायर&comma; ट्रांसपोर्टर&comma; फाइनेंसर और स्थानीय रिसीवरों की पहचान में जुटी है&period;<&sol;p>&NewLine;<p>पर पुलिस ने उसे रोका&period; तलाशी में उसके ट्रक के केबिन में 237&period;170 ग्राम अफीम बरामद हुई&period; पुलिस ने अफीम सहित मोबाइल फोन और ट्रक जब्त किया&period; शुरुआत में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे रहा था लेकिन फोन की जांच करने पर पुलिस को झारखंड की लिंक मिली&period;<&sol;p>&NewLine;

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