डॉक्टर की शिकायत पर समय पर दर्ज नहीं की एफआईआर
नागपुर :- उपचार के दौरान मरीज की मौत के बाद डॉक्टर को धमकाकर 12 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में समय पर कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर पांचपावली थाने के थानेदार अनिरुद्ध पुरी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने उन्हें आगे की जांच पूरी होने तक निलंबित कर मुख्यालय भेज दिया है। वहीं, उनके स्थान पर हिंगना थाने के थानेदार जितेंद्र बोबडे को पांचपावली थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मामला कामठी रोड स्थित होप अस्पताल का है। यहां डॉ. बी.के. मुरली के अस्पताल में विट्ठल साठे (57) 30 अगस्त को उपचार के लिए भर्ती हुए थे। पैर में गैंगरीन के कारण 5 सितंबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल का लाइसेंस रद्द कराने और अस्पताल गिराने की धमकी देकर 12 लाख रुपये की मांग किए जाने का आरोप है। अस्पताल प्रबंधन और डॉ. मुरली ने करीब एक माह पहले इस संबंध में पांचपावली पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत के साथ फिरौती मांगने से संबंधित सबूत भी पुलिस को सौंपे गए थे। इसके बावजूद 30 सितंबर तक मामला दर्ज नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में लोग पांचपावली थाने भी पहुंचे थे। बाद में पुलिस आयुक्त द्वारा डॉक्टरों के साथ आयोजित बैठक में मामला सामने आने के बाद उन्होंने तत्काल जानकारी मंगवाई। जांच में शिकायत पर समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर थानेदार पुरी के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मामले की आगे जांच जारी है।








