– गोंदिया में 68 हजार महिलाएं अकेले चला रही परिवार
– सर्वे में बड़ा खुलासा
गोंदिया :- गोंदिया पति की अचानक मौत से परिवार की जिम्मेदारी पत्नी पर आ जाती है। हालात की वजह से मिले अकेलेपन और जिंदगी की गाड़ी खींचते समय पति का साथ न मिलने की वजह से, महिला और बाल कल्याण विभाग के एक सर्वे में पता चला है कि जिले में करीब 68 हजार महिलाएं अकेले ही परिवार की गाड़ी चला रही हैं और मुश्किलों का सामना कर रही हैं। इन 68 हजार महिलाओं को इज्जत से जीने के लिए सरकार के सहारे की जरूरत है। अकेली रहने वाली महिलाओं को कई सरकारी योजनाओं के जरिए मदद दी जाती है। ऐसी अकेली महिलाओं को गुजारा करने के लिए आर्थिक और सामाजिक स्तर पर संघर्ष करना पड़ता है। हालांकि एकल महिलाओं के लिए कई सरकारी योजना हैं, लेकिन उन्हें मुश्किल हालात का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उनका फायदा उन तक नहीं पहुंच रहा है। जिले में महिला और बाल कल्याण विभाग के सर्वे से एकल महिलाओं के आंकड़े सामने आए हैं। जिले में 1902 आंगनवाड़ी सेविकाओं के जरिए 1 से 13 जनवरी के बीच हर गांव, वार्ड और बस्ती में सर्वे किया गया। सर्वे के अनुसार, जिले में 512 अकेली महिलाओं को इंदिरा गांधी विकलांग पेंशन योजना, 3,979 महिलाओं को इंदिरा गांधी विधवा पेंशन योजना, 11,962 महिलाओं को श्रावण बाल योजना, 27,795 महिलाओं को संजय गांधी निराधार योजना और 9,880 महिलाओं को लाड़ली बहन योजना का लाभ मिल रहा है।
सर्वेक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट वात्सल्य समिति को भेजी जाएगी
जिले में एकल महिलाओं के सर्वे की रिपोर्ट तहसील स्तर की मिशन वात्सल्य समिति को भेजी जाएगी। यह समिति पात्र लाभार्थियों को चल रही योजनाओं का लाभउठाने में मदद करेंगी।
– कीर्तिकुमार कटरे, उपमुख्य कार्यपालन अधिकारी








