spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

रक्त से लिखेंगे ‘रक्तपत्र’ : प्रहार संगठन का अनोखा आंदोलन

– कर्जमाफी में देरी पर नाराजगी : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजा जाएगा स्मरण पत्र

– मोझरी से ‘रक्त आंदोलन’ की शुरुआत आज से  

अमरावती :- विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, गारंटी मूल्य, भावांतर योजना, नुकसान भरपाई और वन्यप्राणियों से सुरक्षा के वादों की याद दिलाने के लिए प्रहार संगठन ने अनोखे आंदोलन की घोषणा की है। संगठन के कार्यकर्ता रक्तदान कर उसी रक्त से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर भेजेंगे। प्रहार के अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान महायुति के नेताओं ने किसानों की कर्जमाफी का आश्वासन दिया था। किसानों ने विश्वास जताते हुए भरपूर मतदान कर सत्ता सौंपी, किंतु कई महीनों तक सरकार की ओर से कर्जमाफी पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। पिछले वर्ष अतिवृष्टि से फसलें चौपट हो गईं। सोयाबीन नहीं उगा, कपास सड़ गई, तुअर और फलों की फसल बर्बाद हो गई। कर्ज का बोझ सहते किसानों पर दोहरी मार पड़ी, लेकिन राहत के उपाय अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सके। प्रहार के संस्थापक बच्चू कडू के आंदोलनों के बाद सरकार ने कर्जमाफी पर चर्चा शुरू की, परंतु कार्यवाही में विलंब को लेकर संगठन असंतुष्ट है। इसी क्रम में 1 मार्च से मेलघाट में ‘आठवण यात्रा’ निकाली जाएगी।संगठन का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान महायुति के नेताओं ने किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी, गारंटी मूल्य, भावांतर योजना, नुकसान भरपाई और वन्यप्राणियों से सुरक्षा का आश्वासन दिया था। किसानों ने इन वादों पर भरोसा जताते हुए मतदान किया, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी कर्जमाफी पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

प्रहार के मुताबिक, पिछले वर्ष अतिवृष्टि से फसलें चौपट हो गईं। सोयाबीन की बुवाई प्रभावित रही, कपास की फसल सड़ गई, तुअर और फलों की पैदावार को भी भारी नुकसान पहुंचा। पहले से कर्ज के बोझ तले दबे किसानों पर दोहरी मार पड़ी, मगर राहत और मुआवजा अपेक्षित गति से नहीं मिल पाया।

संगठन के संस्थापक बच्चू कडू के आंदोलनों के बाद सरकार ने कर्जमाफी पर चर्चा शुरू की, लेकिन कार्रवाई में हो रहे विलंब से संगठन असंतुष्ट है। इसी क्रम में 1 मार्च से मेलघाट क्षेत्र में ‘आठवण यात्रा’ निकाली जाएगी, जिसके जरिए सरकार को उसके चुनावी वादों की याद दिलाई जाएगी। प्रहार संगठन का कहना है कि जब तक किसानों को ठोस राहत नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन विभिन्न रूपों में जारी रहेगा। आंदोलन की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को तिवसा के मोझरी स्थित पुराने आयुर्वेदिक अस्पताल में रक्तदान शिविर से की गई। रक्तदान के बाद किसानों के रक्त से लिखित स्मरण पत्र मुख्यमंत्री को भेजने की घोषणा की गई। इस संबंध में ज्ञापन जिलाधिकारी अमरावती को तहसीलदार तिवसा के माध्यम से सौंपा गया। आंदोलन में संजय देशमुख, योगेश लोखंडे, सुरेंद्र भिवगडे, दिलीप घुरडे, विशाल ठाकुर, अंकुश राऊत, सुधीर वानखेडे सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Popular Articles