– फर्जी आईडी से सरकारी ख़जाने को करोड़ों का चूना, स्कूल कर्मचारियों की भर्ती में बड़ा खेल उजागर
नागपुर :- चर्चित ‘शालार्थ आईडी’ घोटाला प्रकरण में पुलिस ने कई दिनों बाद कार्रवाई करते हुए तीन कनिष्ठ लिपिकों को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई साइबर पुलिस थाने की टीम द्वारा की गई. ज्ञात हो कि ऑनलाइन शालार्थ आईडी प्रणाली का दुरुपयोग करके कई स्कूलों में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारियों की भर्ती की गई थी. इस मामले में विभागीय शिक्षा उपसंचालक कार्यालय के कनिष्ठ प्रशासन अधिकारी रवींद्र ज्ञानेश्वर पाटिल की शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाने में अपराध दर्ज किया गया था. इस प्रकरण की जांच राज्य स्तरीय विशेष जांच दल द्वारा की जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच के दौरान तीनों कनिष्ठ लिपिकों ने संबंधित स्कूलों के मुख्याध्यापक, तत्कालीन शिक्षणाधिकारी और तत्कालीन शिक्षा उपसंचालकों के साथ साठगांठ कर फर्जी शालार्थ आईडी तैयार कर नौकरी हासिल की.
इसके बाद वेतन लेकर उन्होंने सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया. पुलिस ने इसमें चरणदास प्राइमरी स्कूल के कनिष्ठ लिपिक एवं मंगलदीप नगर, मानेवाड़ा बेसा रोड निवासी जगदीश दिनकरराव ढेंगे (35 वर्ष), भांडेवाड़ी स्थित जगन्नाथ पब्लिक स्कूल के कनिष्ठ लिपिक एवं विणकर वसाहत, मानेवाड़ा बेसा रोड निवासी यशवंत धकाते (35 वर्ष) और वाठोड़ा ले-आउट की विद्या विकास उच्च प्राथमिक विद्यालय के कनिष्ठ लिपिक, भगवान नगर, बैंक कॉलोनी निवासी अक्षय संजय मांडे (31 वर्ष) के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें बुधवार को गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 24 हुई
शालार्थ आईडी घोटाले में अब कुल गिरफ्तार। आरोपियों की संख्या 24 हो गई है. इसमें तीन शिक्षा उपसंचालक, तीन शिक्षणाधिकारी, एक वेतन अधीक्षक, तीन मुख्याध्यापक, दो स्कूल संचालक, तीन सहायक शिक्षक, छह लिपिक और तीन कनिष्ठ लिपिक शामिल है.








