– मेलघाट में 65 शिशु मौतें: “सिर्फ कुपोषण नहीं, कई कारण”
– आदिवासी इलाकों में बढ़ती बालमृत्यु पर चिंता तेज
मुंबई :- मुंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार को आदिवासी बहुल मेलघाट में कुपोषण के कारण शिशुओं की मौत को भयावह बताकर राज्य सरकार को फटकार लगाई थी. जून 2025 से अब तक कुपोषण से 65 शिशुओं की मौत होने पर अदालत ने चिंता जताई थी. इस समाचार को ‘इनसाइडर न्यूज टुडे’ ने प्रमुखता के साथ 13 नवंबर के अंक में प्रकाशित किया था. इसके बाद बुधवार को अमरावती जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीता महापात्र ने मेलघाट का दौरा किया. सीईओ ने धारणी अस्पताल पहुंचकर वहां भर्ती महिलाओं से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. इसके साथ ही सीईओ ने स्वास्थ्य तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की बैठक भी ली.
बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए सीईओ संजीता महापात्र ने कहा कि मेलघाट में केवल कुपोषण से बच्चों की मौत नहीं होती, बल्कि बालमृत्यु के अलग-अलग रीजन होते हैं.
आदिवासी इलाकों में बढ़ती बालमृत्यु पर चिंता तेज
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया जून से अगस्त के बीच 47 बच्चों की मौत हुई है. लेकिन वह अलग-अलग बीमारियों के कारण हुई है. इसमें हार्ट से जुड़ी बीमारी और सर्प दंश जैसे कारण भी शामिल हैं. सीईओ ने कहा कि वे हर पखवाड़े में मेलघाट का दौरा करती है. मेलघाट पीआईएल के संदर्भ में बैठक आयोजित की गई है.








