मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में आरपीएफ ने हाल ही में की गई कार्रवाई में डॉग स्क्वॉड की महत्वपूर्ण भूमिका रही. नागपुर डॉग स्क्वॉड के आरक्षक विपिन सातपुते एवं आरक्षक नीरज अपने श्वान प्रिंस के साथ तथा अपराध खुफिया शाखा के आरक्षक जसवीर सिंह को ट्रेन संख्या 2०494 चंडीगढ़–मदुरै एक्सप्रेस में नागपुर से सेवाग्राम के बीच जांच के लिए तैनात किया गया था.
ट्रेन के सुबह 8.55 बजे नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 2 पर पहुंचने पर टीम द्वारा श्वान प्रिंस की सहायता से कोचों की सघन जांच की गई. जांच के दौरान ट्रेन के पीछे स्थित जनरल कोच के शौचालय में तीन संदिग्ध पिट्टू बैग लटके हुए पाए गए. कोच में मौजूद यात्रियों से पूछताछ करने पर किसी ने भी इन बैगों पर अपना मालिकाना हक नहीं जताया. इस दौरान ट्रेन नागपुर से रवाना हो चुकी थी, इसलिए आरपीएफ स्टाफ ट्रेन के साथ सेवाग्राम स्टेशन तक गया और वहां से उपलब्ध अगली ट्रेन से पुन: नागपुर लौट आया. नागपुर पहुंचकर जब बैगों को खोला गया तो उनमें कुल 3०बोतल विदेशी शराब बरामद हुई, जिनकी अनुमानित कीमत 52,45० आंकी गई.
बरामद शराब में अमृत अमलगम (75० मि.ली.) की 3 बोतलें, 1०पाइपर्स (75०मि.ली.) की 1० बोतलें, 1० पाइपर्स 12 वर्ष (75० मि.ली.) की 1 बोतल तथा रॉयल जनरल (375 मि.ली.) की 15 बोतलें शामिल थीं. बरामद विदेशी शराब को आगे की कानूनी कार्रवाई हेतु राज्य उत्पादन शुल्क विभाग, नागपुर को सुपुर्द कर दिया गया.
इस संबंध में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग द्वारा महाराष्ट्र दारूबंदी अधिनियम की धारा 65(ई) के अंतर्गत अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. नागपुर मंडल ने आरपीएफ डॉग स्क्वॉड, विशेषकर श्वान ‘प्रिंस’ की सतर्कता और दक्षता की सराहना की है, जिनकी सहायता से इस संदिग्ध सामान का पता लगाना संभव हुआ.




