– 19 बिंदुओं पर तैयार हो रहा हर थाने का ‘डेटा’
नागपुर :- शहर में अपराध की स्थिति और पुलिस थानों पर काम के दबाव के अनुसार अब पुलिस बल का पुनर्गठन किया जा रहा है। शहर के प्रत्येक पुलिस थाने का 19 अलग-अलग बिंदुओं पर डेटा तैयार किया गया है। इसके आधार पर जिन थानों में अपराध और काम का बोझ अधिक है, वहां अतिरिक्त मनुष्यबल, बुनियादी सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने नागपुर पत्रकार क्लब और तिलक पत्रकार भवन ट्रस्ट की ओर से आयोजित ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में यह जानकारी दी।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता और विशेष कौशल के अनुसार काम का वितरण किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर हुडकेश्वर थाना क्षेत्र से कंट्रोल रूम के 112 नंबर पर हर महीने करीब 683 कॉल आते हैं, जबकि बजाजनगर क्षेत्र से करीब 110 कॉल आते हैं। ऐसे में दोनों थानों को समान मनुष्यबल देने के बजाय वास्तविक कार्यभार के आधार पर संसाधनों का संतुलन किया जाएगा।
कौशल के अनुसार मिलेगी जांच की जिम्मेदारी
आर्थिक अपराध शाखा में वाणिज्य विषय की पढ़ाई करने वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। वहीं, साइबर अपराधों की जांच के लिए कंप्यूटर साइंस और बीसीए जैसे तकनीकी शैक्षणिक बैकग्राउंड वाले कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। उद्देश्य यह है कि पुलिसकर्मियों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार काम देकर संबंधित अपराधों की जांच में विशेषज्ञ बनाया जाए। महिलाओं की सुरक्षा के लिए शहर में महिला अधिकारियों के नेतृत्व में 12 निर्भया पथक सक्रिय हैं। वहीं, 130 गश्ती दलों में मोबाइल ट्रैकिंग डिवाइस लगाकर बीट मार्शल व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
हर थाने में तीन अधिकारियों में बंटेगा काम:
शहर के पुलिस थानों में कामकाज को भी तीन अधिकारियों के बीच बांटने की योजना है। पुलिस निरीक्षक, द्वितीय पुलिस निरीक्षक और सहायक पुलिस निरीक्षक के बीच अर्बन पुलिसिंग से जुड़े अलग-अलग कार्यों का विभाजन किया जाएगा। इससे जांच और थाना स्तर का काम अधिक प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा।
रात 3 से 5 बजे तक बढ़ेगी गश्त:
पुलिस ने चोरियां और वाहन चोरी की घटनाओं का पैटर्न जांचने के बाद पाया है कि इनकी बड़ी संख्या रात 3 से सुबह 5 बजे के बीच होती है। इसलिए इस समय गश्त को अधिक सक्रिय किया जाएगा। रहवासी क्षेत्रों में पुलिस सहायता समूह तैयार कर स्थानीय सुरक्षा गार्डों की मदद से थ्री-टायर पेट्रोलिंग पर जोर दिया जाएगा।
थाना स्तर पर एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के साथ अपराध पुलिस निरीक्षक और पुलिस उपनिरीक्षक की तैनाती के जरिए अपराध नियंत्रण और जांच व्यवस्था मजबूत करने की योजना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महामार्ग किनारे लावारिस शव मिलने की घटनाओं को रोकने के लिए हर 10 किलोमीटर पर अलग हाईवे बीट, वाहन और मनुष्यबल तैनात करने का प्रयोग सफल रहा था। इसी मॉडल को जरूरत के अनुसार शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से समझौता किए बिना नागपुर की भौगोलिक संरचना और स्थानीय चुनौतियों के अनुरूप अर्बन पुलिसिंग की नई व्यवस्था तैयार की जा रही है।








