– संकट में डेयरी व्यवसाय : दूध उत्पादन में भारी गिरावट, 250 संस्थाएं बंद
गोंदिया :- गोंदिया जिला जो कभी दूध उत्पादन में अग्रणी था, अब संकट के दौर से गुजर रहा है। प्रतिदिन 1 लाख लीटर से अधिक होने वाला दूध संकलन घटकर महज 5 से 10 हजार लीटर पर सिमट गया है। चारे और पशु आहार के बढ़ते दाम, रखरखाव का भारी खर्च और दूध की कम कीमतों के कारण पशुपालकों का मोहभंग हो रहा है। इसके अलावा, नई पीढ़ी के नौकरी की ओर मुड़ने और खेती, पशुपालन में रुचि कम होने से भी यह व्यवसाय प्रभावित हुआ है। जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में 205 संस्थाएं बंद हुई है, जबकि
जिला पहले दूध उत्पादन में अग्रणी था। लेकिन पिछले कई सालों से दूध के उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। खेती के पूरक व्यवसाय के रूप में दुग्ध व्यवसाय को देखा जाता था। किसानों के पास बड़ी संख्या में गाय, भैंस थी। इनके माध्यम से किसानों को अच्छी आय मिलती थी। लेकिन अब गाय-भैंसों की बढ़ती कीमतें और उनकी देखभाल के लिए खर्च ज्यादा आने के कारण दूध उत्पादन कम हो गया है। वर्तमान में, परिवार के सदस्य अन्य व्यवसायों की ओर मुड़ गए हैं, इसलिए डेयरी व्यवसाय का पैमाना भी कम हो गया है और दूध उत्पादन में भी कमी आई है। इसके लिए किसान सरकार से विशेष प्रोत्साहन और सब्सिडी देने की आवश्यकता व्यक्त कर रहे हैं।
बंद पड़ गईं सहकारी संस्थाएं
जिले की लगभग 250 सहकारी दुग्ध संस्थाएं अब इतिहास बन चुकी हैं। सरकारी दरों में अपेक्षित बढ़ोतरी न होने और निजी केंद्रों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कई संस्थाएं दिवालिया हो गईं। किसानों ने मांग की है कि यदि सरकार ने विशेष प्रोत्साहन और सब्सिडी नहीं दी, तो भविष्य में डेयरी व्यवसाय पूरी तरह ठप हो सकता है।