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पुलिस ने मोर्चों को अनुमति देने में दिखाई जल्दबाजी

<p><strong>&&num;8211&semi; अधिवेशन काल में 29&comma; अधिवेशन के बाद 3 मोर्चे<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नागपुर &colon;-<&sol;strong> नागपुर में होने वाले शीतकालीन विधानसभा अधिवेशन की अवधि तय होने से पहले ही पुलिस ने कुछ मोर्चों &lpar;जुलूसों&rpar; को अनुमति दे दी है। अधिवेशन 14 दिसंबर तक चलने वाला है&comma; लेकिन पुलिस ने इसके बाद 17 दिसंबर तक भी मोर्चों को अनुमति दी है। इससे यह स्पष्ट होता है कि पुलिस ने मोर्चों को अनुमति देने में जल्दबाजी की है। 14 दिसंबर के बाद 17 दिसंबर तक कुल 3 मोर्चों को अनुमति दी गई है&comma; जबकि अधिवेशन अवधि के दौरान कुल 29 मोर्चे विधान भवन पर दस्तक देंगे। शीतकालीन अधिवेशन और मोर्चे अब एक समीकरण बन चुके हैं। 8 दिसंबर से शुरू होने वाले अधिवेशन के दौरान 22 संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया और 17 संगठनों ने क्रमिक अनशन की अनुमति मांगी।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>13 विभिन्न संगठनों ने मोर्चा निकालने के लिए आवेदन किया<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>श्रमिकों के मोर्चे सबसे अधिक&colon;<&sol;strong> इस साल श्रमिकों के 13 विभिन्न संगठनों ने मोर्चा निकालने के लिए आवेदन किया है&comma; इसलिए सबसे अधिक मोर्चे श्रमिकों के निकलेंगे। इसके अलावा&comma; प्रत्येक पांच संगठन ने धरना और उपोषण &lpar;अनशन&rpar; के लिए विशेष शाखा में आवेदन किया।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>अन्य संगठन&colon;<&sol;strong> किसानों के दो संगठनों ने मोर्चा&comma; जबकि प्रत्येक एक संगठन ने धरना और उपोषण की अनुमति मांगी।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>राजनीतिक दल&colon;<&sol;strong> तीन मोर्चे राजनीतिक दलों द्वारा विधान भवन पर निकाले जाएंगे। एक दल ने क्रमिक अनशन की अनुमति भी मांगी।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>शनिवार-रविवार को छूट&colon;<&sol;strong> छुट्टियों के कारण शनिवार और रविवार को मोर्चों की अनुमति नहीं दी गई।<&sol;p>&NewLine;<p>दिनांक मोर्चे धरना<&sol;p>&NewLine;<p>अधिवेशन काल मेंमोर्चे और धरने                                 à¤…नशन आत्मदाह<&sol;p>&NewLine;<p>8 दिसंबर&period;                5 9 8 0<&sol;p>&NewLine;<p>9 दिसंबर                   3 2 4 1<&sol;p>&NewLine;<p>10 दिसंबर&period;                11 4 2 0<&sol;p>&NewLine;<p>11 दिसंबर                  4 4 0 0<&sol;p>&NewLine;<p>12 दिसंबर&period;                 6 0 0 0<&sol;p>&NewLine;<p><strong>अधिवेशन के बाद भी अनुमति<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>दिनांक मोर्चे धरना अनशन आत्मदाह<&sol;p>&NewLine;<p>15 दिसंबर 0 1 2 0<&sol;p>&NewLine;<p>16 दिसंबर 1 0 0 0<&sol;p>&NewLine;<p>17 दिसंबर 2 0 0 0<&sol;p>&NewLine;<p><strong>पहले दिन 5 मोर्चे<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>अधिवेशन 8 दिसंबर से शुरू होने वाला है। अधिवेशन से एक दिन पहले&comma; रविवार को ही दिंदोडा&comma; बैराज परियोजना प्रभावित संघर्ष समिति और चंद्रपूर&comma; यवतमाल&comma; वर्धा संघर्ष समिति ने मोर्चा निकालने की अनुमति मांगी थी। इसके अलावा&comma; एक व्यक्ति ने आत्मदाह की अनुमति भी मांगी। अधिवेशन के पहले दिन&comma; सोमवार को पांच मोर्चे विधान भवन पर दस्तक देंगे।<&sol;p>&NewLine;