◼️वन्यजीव कार्यकर्ताओं द्वारा व्यक्त की गई चिंताएँ
◼️दुरुपयोग की स्थिति में, वन विभाग में शिकायत दर्ज करें।
सचिन चौरसिया, रामटेक :- वर्तमान में, राज्य में सांपों को बचाने और उन पर नियंत्रण रखने के लिए गतिविधियां चल रही हैं। इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि कुछ स्वघोषित सांप प्रेमी दावा कर रहे हैं कि सांपों की संख्या बढ़ गई है, वहीं वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने चिंता व्यक्त की है कि प्रचार के लिए सांपों का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, सच्चे सांप प्रेमी सांपों के संरक्षण, बचाव और जागरूकता पर ध्यान केंद्रित करते हैं। हालांकि, कुछ लोग प्रसिद्धि पाने के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया पर सांपों को पकड़ने और संभालने के वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। इससे आम जनता को गलत संदेश जा रहा है और कई लोग खुद सांप पकड़ने के जानलेवा प्रयास कर रहे हैं। परिणामस्वरूप, सांपों और नागरिकों का जीवन खतरे में पड़ रहा है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हालांकि सांपों को पकड़ना अपेक्षाकृत आसान है, लेकिन उनका उचित संरक्षण, बचाव और पुनर्वास एक बहुत ही जिम्मेदार प्रक्रिया है। इसलिए, वन्यजीव संरक्षण के नाम पर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करने के बजाय, वैज्ञानिक तरीकों से जागरूकता पैदा करना आवश्यक है। इस संदर्भ में, नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई उनके क्षेत्र में सांपों के वीडियो या तस्वीरें गलत तरीके से फैला रहा है या वन्यजीवों का दुरुपयोग कर रहा है, तो वे संबंधित वन विभाग को सूचित करें। ऐसी शिकायतें करने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को एक साथ आना चाहिए
सामाजिक कार्य, गैर सरकारी संगठन, सरकारी योजनाएँ और कानूनी उपक्रम सांप प्रेमियों की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए किए जा सकते हैं। हालांकि, वन्यजीवों का प्रदर्शन करके वित्तीय लाभ कमाने की प्रवृत्ति को रोकना आवश्यक है। महाराष्ट्र में वन्यजीव संरक्षण की जिम्मेदारीपूर्ण संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नागरिकों, वन विभागों और सच्चे वन्यजीव प्रेमियों को एक साथ आने की जरूरत है।
◼️कई सर्पमित्र सिर्फ स्टंट या पब्लिसिटी के लिए ऐसे वीडियो बनाते हैं। इससे वन्यजीवों और मनुष्यों दोनों को खतरा होता है।
दहु गणवीर,सर्पमित्र , नागपुर




