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नागपुर से मतदाता बाहर हुए, फिर भी बढ़ा वोटर आंकड़ा

– गुडधे ने उठाए मतदाता सूची पर सवाल

नागपुर :- नागपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे पाटिल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नागपुर के कुछ मतदाताओं के नाम पुणे, पालघर समेत महाराष्ट्र के अन्य विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में स्थानांतरित किये गये हैं। इसके बावजूद दक्षिण-पश्चिम नागपुर और कामठी जैसे विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है।

गुडधे ने कहा कि मामला केवल मौजूदा एसआईआर प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले चुनावों के बाद मतदाता सूचियों में हुए बदलावों की भी जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने नागपुर के ऐसे मतदाताओं की पहचान की है, जिनके नाम अब शहर के बाहर की मतदाता सूचियों में दिखाई दे रहे हैं। गुडधे ने दक्षिण-पश्चिम नागपुर के कुछ मतदाताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके नाम पालघर के नालासोपारा और पुणे की विधानसभा क्षेत्रों की सूचियों में दर्ज पाए गए हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से वर्ष 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद हुई मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और स्थानांतरण का विधानसभा क्षेत्रवार ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि यदि नागपुर के मतदाताओं के नाम दूसरे क्षेत्रों में स्थानांतरित किए गए हैं, तो दक्षिण-पश्चिम नागपुर और कामठी में मतदाताओं की संख्या कैसे बढ़ी। कांग्रेस अब मतदाता सूचियों का विस्तृत अध्ययन कर ऐसे मामलों की संख्या सामने लाने की तैयारी कर रही है।

राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भूमिका पर भी सवाल:

गुडधे ने एसआईआर की मैपिंग प्रक्रिया में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 28 जुलाई को नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद को पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई थी। उनके अनुसार, तीन बार स्मरण पत्र भेजने के बावजूद उन्हें जवाब नहीं मिला।

भाजपा शहर अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी द्वारा माफी मांगने के लिए दिये गये 48 घंटे के अल्टीमेटम पर गुडधे ने कहा कि वे अपने आरोपों पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया जाता है तो वे अदालत में अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करेंगे।गुडधे ने कहा कि कांग्रेस फिलहाल इस मामले को अदालत में ले जाने के बजाय जनता के बीच जाएगी। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी और इसे लेकर व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

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