– 3.22 करोड़ रुपए में तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति को मंजूरी
नागपुर :- शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में हो रहे पानी के रिसाव और वास्तविक खपत का सटीक आकलन करने के लिए महानगरपालिका अब ‘वाटर ऑडिट’ और ग्राहक सर्वेक्षण कराएगी। इसके लिए अधिकृत तकनीकी सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। इस पर 3.22 करोड़ रुपए खर्च होंगे। शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे मंजूरी दिए जाने की जानकारी सभापति शिवानी दाणी ने दी।
जल संपदा नियमन प्राधिकरण के मानकों का पालन
महाराष्ट्र जल संपत्ति नियमन प्राधिकरण (एमडब्लूआरआरए) के मानकों के अनुसार 50 लाख से कम आबादी वाले शहरों के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर पानी का कोटा निर्धारित है। वहीं, जल वितरण प्रणाली में अधिकतम 13 प्रतिशत तक पानी के नुकसान या रिसाव की अनुमति है। शहर में इस सीमा से अधिक हो रहे पानी के नुकसान को नियंत्रित करने के लिए पाइपलाइनों में रिसाव की जगह और उसकी मात्रा का पता लगाना जरूरी है। वाटर ऑडिट के माध्यम से इस नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाएगा।
कंसल्टेंट एजेंसी की होगी नियुक्ति
मनपा के जल प्रदाय विभाग (सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी) की ओर से प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार शासन-मान्य तकनीकी सेवाएं देने वाली सक्षम सलाहकार एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए 3,22,18,525 रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान करने तथा टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
नियुक्त एजेंसी शहर के जल वितरण नेटवर्क में फ्लो मीटरिंग के साथ ही लीकेज पॉइंट्स की सटीक पहचान करेगी। इसके अलावा पानी के रिसाव के स्रोतों का पता लगाना, अनधिकृत जल उपयोग से होने वाली बर्बादी पर रोक लगाना और जल वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के उपाय किए जाएंगे।





