– गडकरी ने दुकानदारों को दिया भरोसा, पुनर्विकास में सभी का रखेंगे ध्यान
नागपुर :- गोकुलपेठ स्थित पुराने बाजार के पुनर्विकास की परियोजना छोटे उद्यमियों सहित प्रत्येक दुकानदार और गालेधारक को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। परियोजना के निर्माण में प्रत्येक दुकानदार और गालेधारक के हितों का ध्यान रखते हुए सभी को न्याय देने का प्रयास किया जाएगा। यह आश्वासन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिया।
शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को महाल स्थित केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में गोकुलपेठ मार्केट के दुकानदारों और गालेधारकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नागपुर की महापौर नीता ठाकरे, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र बोरकर, स्थायी समिति सभापति शिवानी दाणी, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर तथा नासुप्र सभापति संजय मीणा उपस्थित थे। बैठक में गोकुलपेठ मार्केट के बड़ी संख्या में दुकानदार एवं गालेधारक शामिल हुए।बैठक के दौरान गडकरी ने दुकानदारों और गालेधारकों से सीधे संवाद करते हुए उनकी विभिन्न समस्याओं एवं शंकाओं का समाधान किया। गडकरी द्वारा दिए गए जवाबों पर दुकानदारों ने संतोष व्यक्त किया और परियोजना के लिए प्रशासन को आवश्यक सहयोग देने की तैयारी भी जताई।
3.51 एकड़ क्षेत्रफल में होगा पुनर्विकास
गोकुलपेठ बाजार का पुनर्विकास करीब 1 लाख 52 हजार 908 वर्गफीट (3.51 एकड़) क्षेत्रफल में किया जा रहा है। इस परिसर में पहले से विभिन्न व्यवसाय करने वाले दुकानदारों के साथ बड़ी संख्या में व्यावसायिक गालेधारक भी हैं। गडकरी ने कहा कि नागपुर शहर में कॉटन मार्केट, संतरा मार्केट, बुधवार बाजार, दही बाजार सहित करीब 15 से 16 बाजारों का विकास किया जा रहा है। इन सभी परियोजनाओं में नागरिकों और व्यापारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं, स्वच्छता तथा पार्किंग व्यवस्था पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
गडकरी ने कहा कि गोकुलपेठ बाजार का पुनर्विकास भी इसी दृष्टिकोण से किया जा रहा है। परियोजना को तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य के दौरान रोजाना के व्यवसाय पर निर्भर दुकानदारों को किसी प्रकार का नुकसान न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही हॉकर्स के हितों को भी परियोजना में शामिल किया जाएगा। प्रस्तावित 31 मंजिला इमारत में प्रवेश के लिए छह बड़े प्रवेशद्वार बनाए जाएंगे। वर्तमान में ओटों पर सब्जी बेचने वाले विक्रेताओं को भूतल पर दुकानें उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नियमों और शर्तों को लेकर किसी प्रकार का भ्रम या गलतफहमी न हो, इसके लिए प्रत्येक दुकानदार और गालेधारक के साथ सामंजस्य करार किया जाएगा।





