Home Latest News 13,000 करोड़ की ड्रग तस्करी

13,000 करोड़ की ड्रग तस्करी

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<p><strong>&&num;8211&semi; फर्जी कंपनियों के जरिए फैलाई कोकीन की सप्लाई चेन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नई दिल्ली &colon;- <&sol;strong>भारत के सबसे बड़े ड्रग तस्करी मामलों में से एक&comma; 13&comma;000 करोड़ रुपये के कोकीन ज़ब्ती मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक बड़ी सफलता मिली है। इंटरपोल ने मंगलवार को इस मामले के मुख्य फरार आरोपी ऋषभ बैसोया के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के अनुसार&comma; ऋषभ इस गिरोह के लॉजिस्टिक्स और ड्रग तस्करी में अहम भूमिका निभा रहा था।<&sol;p>&NewLine;<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार&comma; ऋषभ बैसोया एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह के मुखिया वीरेंद्र सिंह बैसोया &lpar;उर्फ वीरू&rpar; का बेटा है। जाँच एजेंसियों को शक है कि ऋषभ इस समय मध्य पूर्वी देशों में छिपा हुआ है। भारतीय अदालतें उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी हैं। इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के साथ&comma; दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ अब उसे पकड़ने और गिरफ्तार करने की कोशिश करेंगी&comma; ताकि उसे भारत प्रत्यर्पित किया जा सके।<&sol;p>&NewLine;<p>इंटरपोल रेड नोटिस कोई अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं है। यह दुनिया भर की जाँच एजेंसियों से एक अनुरोध है। इस अनुरोध में एक भगोड़े का पता लगाने और उसे तब तक हिरासत में रखने की माँग की गई है जब तक कि उसे उस देश में प्रत्यर्पित नहीं कर दिया जाता जहाँ वह वांछित है। भारतीय अधिकारियों ने इस मामले में आरोपियों को पकड़ने के लिए एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के &&num;8216&semi;अनुपस्थिति में मुकदमा&&num;8217&semi; प्रावधान का उपयोग शुरू कर दिया है। इस प्रावधान के अनुसार&comma; यदि कोई घोषित अपराधी आरोप तय होने के बाद 90 दिनों से अधिक समय तक फरार रहता है&comma; तो उसकी अनुपस्थिति में उस पर मुकदमा चलाया जा सकता है और उसे दोषी ठहराया जा सकता है।<&sol;p>&NewLine;

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