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9.88 करोड़ की साइबर धोखाधड़ी का पर्दाफाश

– वकील समेत छह गिरफ्तार, 4.21 करोड़ रुपये होल्ड, हवाला नेटवर्क की आशंका

नागपुर :-  नागपुर ग्रामीण पुलिस ने 9.88 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए वकील समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 4 करोड़ 20 लाख 61 हजार 162 रुपये होल्ड कर रिकवरी की प्रक्रिया शुरू की है। जांच में 1,000 से अधिक बैंक खातों के जरिए रकम के लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका सामने आई है।

मामला वडोदा पुलिस थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 4 से 6 जुलाई 2026 के बीच आरटीजीएस के माध्यम से 9 करोड़ 88 लाख 83 हजार 999 रुपये निकाल लिए गए। शिकायतकर्ता ने न तो कोई संदिग्ध लिंक डाउनलोड किया था और न ही किसी को ओटीपी दिया था। पुलिस को सिम स्वैपिंग के जरिए धोखाधड़ी किए जाने की आशंका है। इस मामले में 8 जुलाई को संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

चार राज्यों से आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में गाजीपुर, उत्तर प्रदेश निवासी हनुमान कुमार खखुन राम (26), शिवनी, उत्तर प्रदेश निवासी रविकुमार रामवृक्ष यादव (24), मुंबई निवासी अजीम रफीक मिठाणी (26), मीरा रोड, जिला ठाणे निवासी मुकेशकुमार शामशंकर मिश्रा (41), बनियाडीह, पलामू, झारखंड निवासी राकेश शैलेश सिंह (44) औ र नंदग्राम, जिला गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश निवासी अंकुर अशोककुमार गोस्वामी (30) समावेश है।

वकील पर साजिश में मदद का आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपी मुकेशकुमार शामशंकर मिश्रा मुंबई और दिल्ली उच्च न्यायालय में वकालत करता है। उस पर अन्य आरोपियों को धोखाधड़ी की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मार्गदर्शन देने का आरोप है। उसकी मुंबई स्थित विधि संस्था ‘लॉमॅटिक्स’ भी जांच के दायरे में है।

फिनटेक कंपनियों के जरिए रकम का लेन-देन:

जांच में डाटाशा प्राइवेट लिमिटेड, श्री फिनटेक और रैक्टोवेर प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न कंपनियों तथा म्यूल खातों के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि रकम को कई खातों में स्थानांतरित करने के बाद नकद निकासी और हवाला के जरिए उसका हस्तांतरण किया गया। मुंबई और उत्तर प्रदेश में संपत्ति खरीदने के लिए भी रकम इस्तेमाल किए जाने की जांच हो रही है।

पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी पूर्व में बैंकिंग क्षेत्र में काम कर चुके हैं, जबकि कुछ वर्ष 2024 में रेनटेक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत थे। इस कंपनी के खिलाफ इंदौर में लगभग 3,400 करोड़ रुपये की आर्थिक धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।

मामले में डिजिटल फॉरेंसिक जांच और वित्तीय लेखा परीक्षण जारी है। पुलिस प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के साथ भी समन्वय कर रही है। अन्य संभावित पीड़ितों और संदिग्ध खातों की जांच की जा रही है। होल्ड की गई रकम शिकायतकर्ता को वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष ए. पोद्दार, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के और कन्हान उपविभाग के सहायक पुलिस अधीक्षक एवं एसडीपीओ शशांत एम.एम. के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा, साइबर पुलिस और वडोदा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।

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